हिमाचल को श्रेष्ठ पर्यटन राज्य बनाने को कवायद तेज

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Thursday, January 16, 2014-3:55 PM

शिमला: हिमाचल प्रदेश को श्रेष्ठ पर्यटन राज्य बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए विजन दस्तावेज पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत राज्य में पर्यटन की दिशा में आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। इसके तहत आगामी वर्षों में पर्यटन को राज्य के आर्थिक विकास का सर्वश्रेष्ठ आधार बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। इस दिशा में पर्यटन विभाग ने कदम उठाना भी शुरू कर दिया है। वर्तमान में मौजूद सुविधाओं को बनाए रखने और नए बुनियादे ढांचे को सृजित करने के लिए आगामी दिनों में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए विजन में हिमाचल से अन्य राज्यों के लिए और अन्य राज्यों से अधिक से अधिक संख्या में हवाई सेवा शुरू करने का भी लक्ष्य रखा है। इससे हिमाचल प्रदेश में उच्च स्तर के पर्यटकों को हिमाचल के विभिन्न पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा। राज्य में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में साल दर साल इजाफा हो, इसके लिए पर्यटन विभाग योजना तैयार कर रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्रों को पर्यटन में निवेश करने के लिए भी प्रोत्हासित किया जाएगा। इसके अलावा पब्लिक-प्राईवेट पाटनरशिप (पी.पी.पी.) आधार पर भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कवायद आगामी दिनों में तेज की जाएगी। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाने का लक्ष्य भी विजन दस्तावेज में निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में साहसिक पर्यटन की दिशा में भी कदम उठाने की कवायद तेज की जाएगी।

आधारभूत ढांचे की कमी को दूर करना विजन दस्तावेज में शामिल
वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भले ही प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग कई कदम उठा रहे हैं, लेकिन आधारभूत ढांचे की कमी और सीमित हवाई सेवा, सीमित रेल सेवा राह में रोड़ा बने हुए हैं और इसे दूर करने के लिए पर्यटन विभाग ने अपने विजन दस्तावेज में शामिल किया है। आगामी दिनों में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस कमियों को दूर करेगा ताकि आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित हो सके।

पर्यटन स्थलों को जोडऩे वाले कई संपर्क मार्गों की हालत खस्ता
हिमाचल प्रदेश में मौजूद विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोडऩे वाले कई संपर्क मार्गों की हालत खस्ता है। इस वजह से एक बार ऐसे स्थलों पर आने वाले पर्यटकों यहां दोबारा आने से पहले सोचने को मजबूर हो जाते हैं। इसके अलावा पर्यटन स्थलों पर पार्किंग की समस्या बीते कुछ समय में एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। इस समस्या को दूर करने के लिए भी पर्यटन विभाग की ओर से राज्य में 75 पार्किंग स्थलों को विकसित करने की योजना है। इन स्थानों पर करीब 2000 गाडिय़ों के खड़े करने की व्यवस्था हो सकेगी। विशेषकर शिमला, धर्मशाला, डल्हौजी में 3 मैगा पार्किंग बनाई जाएगी ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को गाड़ी पार्क करने में दिक्कतें न आए। जानकारी के अनुसार पार्किंग निर्माण पर करीब 452.27 लाख रुपए खर्च का अनुमान है।

हिमाचल में ग्रामीण पर्यटन को दिया जाएगा बढ़ावा
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग ने विजन दस्तावेज में ग्रामीण पर्यटन को भी शामिल किया है। इसके तहत पर्यटन विभाग सैलानियों को राज्य के गांवों की सैर करवाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। इस मुहिम को सिरे चढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग ने खाका तैयार किया है। इसके लिए पहले से चली आ रही होम स्टे योजना का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले से दो गांवों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जरूरी कदम उठाया जाएगा। यहां पर सडक़ों को भी दुरस्त किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना शुरू की थी ताकि हिमाचल आने वाले देश-विदेश से पर्यटकों को यहां की सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों से रु-ब-रु हो सकें।


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