जयपुर साहित्य महाकुंभ का राज्यपाल ने किया आगाज

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Friday, January 17, 2014-4:27 PM

जयपुर: ख्यातनाम अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन की उपस्थिति में आज यहां पांच दिवसीय जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज होने के साथ ही गुलाबी नगर की फिजां में साहित्य की सुगंध फैल गर्इ। राज्यपाल मार्गेट अल्वा ने दीप प्रज्वलित कर डिग्गी पैलेस परिसर में महोत्सव का उद्घाटन करते हुए इसे साहित्य का महाकुंभ बताया और कहा कि यहां देश विदेश के ख्यातनाम साहित्यकार अपने लेखन से साहित्य प्रेमियों को रुबरु करायेंगे।

उन्होंने कहा कि यहां कला, साहित्य, संगीत और भाषा सहित अन्य विषयों पर व्यापक संवाद होगा। उन्होंने ऐसे साहित्यिक उत्सव व्यक्तित्व विकास के अद्वितीय मंच हैं जहां लेखकों और पाठकों के आपसी संवाद से नये विचार और सामूहिक अनुसंधान सामने आते  हैं।

अल्वा ने कहा कि जयपुर साहित्य उत्सव भी ऐसा ही एक मंच है जिस पर भारत, दक्षिण एशिया और विश्व के जाने माने लेखक तथा विचारक आम जनता एवं पाठकों से रुबरु होते हैं और आज के चुनौतिपूर्ण विषयों पर चिन्तन मनन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मायने में इस उत्सव को साहित्य के कुम्भ के रप में भी देखा जा सकता  है।
 
उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के लेखन का हवाला देते हुए कहा कि देश में भूख और कुपोषण के निदान के लिए जनता के सरकार से खाद्यान्न प्राप्त करने के नैतिक अधिकार को स्वीकारा गया और इस आधार पर केन्द्र सरकार ने खाद्यान्न सुरक्षा कानून जैसे कदम उठा कर कुपोषण को दूर करने की मुहिम छेडी है। उद्घाटन सत्र को सेन सहित अन्य ख्यातनाम साहित्यकारों ने भी सम्बोधित किया। आगामी 21 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में देश विदेश की हस्तियां शिरकत कर रही हैं और बॉलीवुड और संगीत जगत के ख्यातिनाम लोग भी मंच पर चर्चाओं के लिए आये हैं।

आयोजकों का कहना है कि पांच दिन में दुनियाभर के 240 से अधिक लेखक शिरकत करेंगे।  इस महोत्सव में कहानी, चुटकुला, व्यंग्य और संस्मरण सहित साहित्य के अनेक आयामों पर चर्चा होगी और ज्ञानपिपासु लेखकों से संवाद कर अपनी जिज्ञासा पूरी करेंगे। आयोजकों का कहना है कि साहित्य उत्सव करीब दो लाख लोगों के साहित्य महोत्सव में आने की उम्मीद है। वर्ष 2006 में शुरु हुए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में 2011 में सलमान रश्दी का नाम विशिष्ट व्यक्तियों की सूची में होने पर काफी होहल्ला मचा था वहीं गत वर्ष समाजवादी आशिष नंदी की टिप्पणियों पर भी काफी कोहराम मचा था।


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