रमन ने ठुकराया 80 करोड़ के लग्जरी CM House का प्रस्ताव

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Friday, January 17, 2014-4:02 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नई राजधानी में लगभग 80 करोड रुपए की लागत से भव्य मुख्यमंत्री आवास के निर्माण के प्रस्ताव को खारिज करते हुए इसकी फाईल लौटा दी है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं नया रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बैजेन्द्र कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि डा.सिंह ने (एनआरडीए) के अधिकारियों से फाईल लौटाते हुए कहा है अनावश्यक ताम-झाम से दूर नए मुख्यमंत्री आवास के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

 

बैजेन्द्र कुमार के अनुसार एनआरडीए ने नई राजधानी के संबंधित सेक्टर में लगभग 80 करोड़ की लागत से एक काम्पलेक्स के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था जिसके एक हिस्से में मुख्यमंत्री आवास का निर्माण होना था जिसकी लागत काफी कम थी। फिर भी मुख्यमंत्री ने कम लागत का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। दरअसल मीडिया में 80 करोड के आवास के निर्माण के प्रस्ताव की खबर आते ही मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को भेजी गई फाईल कल नई दिल्ली जाने से पहले मंगायी और प्रस्ताव को एक झटके में ही खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्ष में नई राजधानी में सीएम आवास की जरूरत होगी। वहां निर्माण तो होना चाहिए पर सादगी और कम खर्च के साथ।

 

मुख्यमंत्री का यह निर्णय उनको जानने वालों के लिए कोई ताजुब करने वाली नही है। पिछले महीने तीसरी बार सत्ता में वापस आने वाले डा.सिंह काफी ‘लो प्रोफाईल’ रहते हैं और ताम-झाम से दूर ही रहते हैं। इस समय जिस आवास में रहते है वह अविभाजित मध्यप्रदेश के समय में रायपुर के कलेक्टर का आवास था। मुख्यमंत्री बनने के बाद से पिछले 10 वर्षों से इसीआवास में रहते है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक नई राजधानी में जिस नए भवन का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था उसके अनुसार सेक्टर 18 में 12 एकड भूमि पर मुख्यमंत्री आवास का निर्माण होना था।

 

आवास की डिजाईन सुरक्षा को मद्देनजर रख तैयार की गई थी। इसके लिए नई दिल्ली की एक कम्पनी को सलाहकार भी नियुक्त किया गया था। दरअसल सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले डा.सिंह मुख्यमंत्री बनने के बाद से तामझाम से दूर रहे है। जनता के बीच जाने में उनको कभी गुरेज नहीं हुआ। सत्ता में आने के बाद अप्रैल एवं मई की तपती धूप में जब घरों से निकलने से कतराते है वह हर वर्ष इसी दौरान राज्य के गांवों मे ग्राम सुराज अभियान में आकस्मिक रूप से हेलीकाप्टर से पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते रहे है और विकास कार्यो की सौगात देते रहे है।

 

सादगी एवं जनता से सीधे संवाद के लिए देश में इन दिन सुर्खियों में बने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने पहले ही दिन भारी अव्यवस्था से आम लोगो से रूबरू होने के कार्यक्रम से तौबा कर ली है वहीं डा.सिंह 10 वर्षो से हर सप्ताह जन दर्शन कार्यक्रम में हजारों लोगों से निरन्तर रूबरू होते रहे है। इसमें तमाम बीमार परेशान लोगों को राहत मिलती रही है। डा.सिंह दूसरे मुख्यमंत्रियों के विपरीत राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के दूसरे प्रमुख नगरों के दौरों में आमतौर पर राज्य सरकार के विमान का इस्तेमाल नही करते है।

 

इन दौरों में वह नियमित उड़ानों से ही जाना पसंद करते हैं। वह पांच सितारा होटलों से भी आमतौर पर परहेज करते है और शासकीय गेस्ट हाउस उनकी पसन्द है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन सिंह ने यूनीवार्ता से कहा कि डा. सिंह कुछ लोगो की तरह अपनी सादगी का प्रचार नही करते है। उनका मानना है कि वह जनता के प्रतिनिधि है और सादगी के साथ उनकी सेवा करना उनका दायित्व है। उन्होंने अपने सचिवालय को भी सादगी से कार्य करने की हिदायत दे रखी है। केजरीवाल कद्ग लालबत्ती नही लगाने का निर्णय देश में चर्चा का विषय बना है पर डा.सिंह अपने वाहन पर मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही लालबत्ती का इस्तेमाल नही करते है। हालांकि उनके मंत्री लालबत्ती से अपने मोह को नही त्याग पाए है।


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