हथियारबंद लुटेरों ने ट्रेन में की लूटपाट

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Friday, January 17, 2014-6:18 PM

 नई दिल्ली : पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन को हथियारबंद लुटेरों ने लूट लिया।   वारदात के बाद ट्रेन में सवार यात्री काफी घबराए हुए हैं। रेलवे पुलिस मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश कर रही है। घायलों की पहचान मनोज, दिल शिकार और दीपक के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात करीब 11 जब रेलवे पुलिस को सूचना मिली थी कि लोहे के पुल पर खड़ी मुरादाबाद पैसेंजर ट्रेन को कुछ हथियारबंद बदमाशों ने लूट लिया है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंची। टे्रन में आधा दर्जन यात्रियों को चोट लगी हुई थीं। उनको तुरंत उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया।

जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। पुलिस के मुताबिक रात 11 बजे मुरादाबाद पैसेंजर ट्रेन लोहे के पुल पर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लाइन फ्री होने का इंतजार कर रही थी। तभी एक डब्बे में कुछ ही यात्री सवार थे। तभी आधा दर्जन बदमाश जिनके हाथ में पिस्टल और चाकू थे, वे डब्बे में चढ़े और हथियार दिखाकर उनसे मोबाइल फोन, नगदी लूटकर उसी समय अंधेरे का फायदा उठाकर पास की झाडिय़ों में फरार हो गए। आरोपियों के आस-पास  के इलाके के होने की आशंका है। जिसके लिए स्थानीय पुलिस की सहायता ली जा रही है।  

यात्री दहशत में: वारदात के बाद पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आए यात्री दहशत में हैं। शामली से आए विकास ढिल्लो ने बताया कि सुरक्षा के नाम पर रेलवे मजाक कर रहा है। रात के वक्त ई.एम.यू. टे्रनों में कोई सुरक्षा नहीं होती है, जिसके कारण लुटेरे वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से फरार हो जाते हैं। उनका कहना है कि रेलवे हर बार अपने बजट में यात्रियों की सुरक्षा की बात करता है लेकिन उनके वादे फाइलों में ही बंद होकर रह जाते हं।
 
पैसेंजर टे्रनों की सुरक्षा राम भरोसे: पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ट्रेनों की सुरक्षा राम भरोसे है। हफ्ते में उनके पास कई यात्रियों का सामान चोरी होने आदि की शिकायतें आती हैं। जिनको वे रेलवे पुलिस के पास भेज देते हैं। पीड़ित यात्री भी कानूनी पचड़े में नहीं पडऩे के कारण अपने रास्ते चला जाता है। 
 
आऊटर पर क्यों खड़ी होती हैं ट्रेनें : स्टेशन कर्मचारियों का कहना है कि स्टेशन प्रबंधक इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, जबकि उनकी ड्यूटी बनती है कि वे रेलवे पुलिस से मीटिंग करके सुरक्षा का जायजा लेते रहें। उन्होंने कहा कि प्रबंधक को ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ऐसे साधन बनाने चाहिए जिससे लोकल ट्रेनें आऊट साइड में खड़ी ही न हों। कर्मचारियों का कहना है कि लोहे का पुल, सदर बाजार पुल जैसे कई अन्य पुलों के आसपास कई गिरोह सक्रिय हैं जो रात के वक्त टे्रन यात्रियों से लूटपाट करते हैं। 

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