मुजफ्फरनगर: मानवाधिकार आयोग ने ठोकी अखिलेश सरकार की पीठ

  • मुजफ्फरनगर: मानवाधिकार आयोग ने ठोकी अखिलेश सरकार की पीठ
You Are HereNational
Saturday, January 18, 2014-11:31 AM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर एवं शामली में हुई साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं के बाद राहत शिविरों की अव्यवस्था को लेकर मीडिया में आई खबरों तथा भुक्तभोगियों के बयानों के विपरीत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य की अखिलेश यादव सरकार की आज न सिर्फ पीठ ठोकी बल्कि सरकार के कार्यों की प्रशंसा भी की। आयोग ने यह भी मानने से इनकार कर दिया कि राहत शिविरों में रह लोगों को हटाने के लिए बुलडोजर का प्रयोग किया गया था हालांकि आयोग ने राज्य सरकार को मौके पर चिकित्सीय एवं शिक्षा सुविधा बढ़ाने तथा राहत शिविरों में कुछ आवश्यक कार्य करने की सलाह दी।

आयोग ने राज्य में गत वर्षों में पुलिस मुठभेड तथा पुलिस हिरासत में हुई मौतों के 90 में से 25 मामलों में कुल एक करोड 20 लाख 50 हजार रुपये का मुआवजा उनके आश्रितों को देने की संस्तुति की। गत 15 जनवरी से उत्त्र प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ही आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अवकाश प्राप्त के.जी.बालाकृष्णन ने अपनी पूरी टीम के साथ सूबे में मानवाधिकार से जुडे विभिन्न मामलों की सुनवाई की।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You