दिल्ली में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बनेगा नया कानून

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Saturday, January 18, 2014-4:31 PM

 नई दिल्ली : अरविंद केजरीवाल अपने एक और वादे को पूरा करने की दिशा में पहल कर रहे हैं। दिल्ली में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक नया कानून बनेगा । अब दिल्लीमें आधा दर्जन से ज्यादा लोकायुक्त होंगे। इनकी अगुवाई मुख्य लोकायुक्त करेंगे। मुख्य लोकायुक्त व लोकायुक्तों की चयन प्रक्रिया के लिए एक सर्च कमेटी होगी ।

सर्च कमेटी चयन के लिए लोकायुक्तों का नाम भेजेगी।सर्च कमेटी से मिले नामों बाद अंतिम निर्णय छह सदस्यीय लोकायुक्त चयन समिति करेगी। जिसमें मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और नेता प्रतिपक्ष शामिल होंगे। नए लोकायुक्त को शक्ति संपन्न बनाया जा रहा है। नया कानून बनने पर पुराना लोकायुक्त कानून खुद हट जाएगा।

 ड्राफ्ट करीब-करीब तैयार है। इसे शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सौंपा जा सकता है। इस पर छह सदस्यीय समिति की कई बैठकें हो चुकी हैं। समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव एसके श्रीवास्तव ने ड्राफ्ट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से चर्चा की। केजरीवाल ने घोषणा की है कि फरवरी के पहले सप्ताह में रामलीला मैदान में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर नए लोकायुक्त कानून को पास किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार नए लोकायुक्त को अधिकार संपन्न बनाने की कोशिश होगी।
 
पुराने लोकायुक्त की तरह सिर्फ सिफारिश का अधिकार नहीं होगा बल्कि नेता, नौकरशाह, सरकार से किसी तरह की सहायता लेने वाली संस्था पर जुर्माना, आपराधिक मुकदमा दर्ज करके सीधे सेशन कोर्ट में भेज सकेंगे। इतना ही नहीं नौकरशाह या अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला सिद्ध हो जाता है तो नौकरी से बर्खास्त करने का अधिकार भी नए लोकायुक्त के पास होगा।
 
 नए ड्राफ्ट के अनुसार जो भी एजेंसी सरकारी पैसा किसी रूप में लेती है, उसे पब्लिक अथॉरिटी बनानी होगी। उसके तहत एक सिटीजन चार्टर बनाकर समयबद्ध काम बताना होगा। एक अधिकारी व अपील अधिकारी नियुक्त करना होगा। अगर समय पर काम नहीं करते हैं तो लोकायुक्त के पास नागरिक शिकायत कर सकेंगे। लोकायुक्त सुनवाई करके जुर्माना कर सकेगा।
 
े बिल के क्रियान्वित होने की प्रक्रिया आसान नहीं होगी। इस विधेयक का अंतिम रूप देकर कैबिनेट से पास कराना होगा। कैबिनेट जब पास कर देगी तो इस पर गृह मंत्रालय की स्वीकृति लेनी होगी। गृह मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद विधान सभा में सरकार को यह बिल पास कराना होगा। विधानसभा में बिल पास होने पर फिर उपराज्यपाल के माध्यम से गृह मंत्रालय को भेजकर राष्ट्रपति से मुहर लगवानी होगी। इन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही लोकायुक्त व मुख्य लोकायुक्त की चयन प्रक्रिया शुरू हो सकेगी ।
 
 
 
 
 
आप पार्टी पर विदेशी धन के प्रयोग का आरोप लगाने वाले याची ने नया आवेदन दायर करके तर्क रखा कि यह सरासर देशद्रोह का मामला है।
 
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराज योग की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार को 29 जनवरी तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि याचिका में लगाए गए आरोप की क्या जांच की गई है।
 
इससे पूर्व याची अधिवक्ता एमएल शर्मा ने तर्क रखा कि दिल्ली के आम चुनावों में विदेशों से आप पार्टी की सहायता की गई। विश्व में कोई भी देश अपने चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप की इजाजत प्रदान नहीं करता। यह कृत्य देशद्रोह की श्रेणी में आता है। अत: आप पार्टी व उसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ जांच करके देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।
 
13 नवंबर से 4 दिसंबर तक 4 हजार यूएस निवासियों ने 6 लाख फोन करके लोगों को आप पार्टी का समर्थन करने को कहा। इसीप्रकार करीब तीन लाख एसएमएस किए गए। इनका कुल मूल्य 10 करोड़ रुपये आता है।
 
आप पार्टी का समर्थन अमेरिका की सीआईए एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से किया। समाचार पत्रों में भी छपा है कि साइबर टेक्नोलॉजी से आप पार्टी को सफलता मिली। यह सरासर भारत की चुनाव प्रक्रिया में विदेशी एजेंसियों का हस्तक्षेप है जबकि इसे तथाकथित एनआरआई का नाम दे दिया गया।
 
 
 

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