राहुल की प्रदेश के नेताओं को नसीहत: कांग्रेस को जिताना है तो संगठित रहें

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Sunday, January 19, 2014-12:24 AM

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के लिए औपचारिक रूप से प्रचार की कमान सौंपे जाने के बाद राहुल गांधी ने आज पहली बार राज्य के नेताओं के साथ विचार विमर्श किया और नेताओं के बीच कलह को लेकर असहमति जताते हुए उनसे एकता बनाए रखने को कहा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और एआईसीसी प्रतिनिधियों के साथ अपनी बैठक में कहा, ‘‘कुछ मुद्दों पर आपके बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने के लिए आपको एकजुट होकर चुनाव लडऩा पड़ेगा।’’

मध्य प्रदेश के नेताओं के साथ संवाद में राहुल ने कहा कि वह जानते हैं कि राज्य में वरिष्ठ नेताओं के बीच कलह के कारण ही पार्टी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में हार गई। राहुल ने प्रत्येक राज्य के एआईसीसी प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की और लोकसभा चुनावों में महत्वपूर्ण बने रहने वाले विषयों पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ समेत कुछ राज्यों के नेताओं ने राहुल से कहा कि लगातार समस्या पैदा कर रहे नेताओं को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के नेताओं ने राहुल से शिकायत की कि ज्यादातर तो केंद्रीय मंत्री उनकी पहुंच में नहीं होते और अगर होते भी हैं तो उनके काम नहीं करते। कुछ प्रतिनिधियों ने राहुल से अनुरोध किया कि आम पार्टी कार्यकर्ताओं को जोडऩे के लिए वह राजीव गांधी तथा सोनिया गांधी की तरह रोड शो करें। राहुल गांधी ने बिहार के नेताओं से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया कि चुनावों के लिए जो भी गठबंधन बनेगा वह पार्टी के हित को ध्यान में रख कर बनाया जायेगा और अगर पार्टी को सम्मानजनक सीटों की पेशकश नहीं की गई तो पार्टी वहां अकेले भी चुनाव मैदान में उतर सकती है।

बिहार में कांग्रेस 2009 के लोकसभा चुनाव में अकेले लड़ी थी जबकि 2004 में उसका राजद और लोजपा के साथ गठबंधन था। इस संबंध में जम्मू कश्मीर के एक सदस्य ने कहा कि कांग्रेस को अपने दम पर चुनाव लडऩा चाहिए और नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन में चुनाव नहीं लडऩे चाहिए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पार्टी नव गठित स्क्रीनिंग कमेटियों की बैठक कर लोकसभा चुनावों के लिए टिकट वितरण की अपनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है ताकि उम्मीदवारों की घोषणा जल्द हो सके।  पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी कर सकती है।

लोकसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में राहुल गांधी की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक की भी योजना है। राहुल गांधी ने प्रत्येक राज्य के नेताओं से पंद्रह मिनट से 30 मिनट तक मुलाकात की। पार्टी की विज्ञप्ति के मुताबिक राहुल गांधी ने नेताओं से कहा, ‘‘हमें अपनी पार्टी की क्षमता और पिछले दस सालों में हमने जो काम किया है उसे केन्द्र में रखकर एकजुट होकर चुनाव लडऩा होगा।’’


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