‘भारत कहे पाकिस्तान से, अपना घर व्यवस्थित करो’

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Sunday, January 19, 2014-9:42 AM

जयपुर: अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके एक पूर्व राजनयिक ने यहां शनिवार को कहा कि भारत अनसुलझे मुद्दों की अक्सर शिकायत करने वाले पाकिस्तान के नेताओं से यह कहे कि इसकी जगह वे अपने गिरेबां में झांकें और अपने देश व समाज की कमियों को दूर करें और कामकाजी सरकार उपलब्ध कराएं।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पूर्व राजनयिक और पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर किताब लिखने वाले हुसैन हक्कानी ने कहा, ’पाकिस्तान को उसके शासन में अब और किसी विचार की दरकार नहीं है, लकिन इसकी जगह कामकाजी सरकार के रूप में उभरने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी समय पाकिस्तान के नेता अनसुलझे मुद्दे की शिकायत करने लगते हैं। भारत उन्हें कहे कि वे गिरेबां में झांकें और अपने मुद्दों का समाधान करें। स्कूलों में छात्रों की आमद तेजी से कम हो रही है, निर्यात गिर रहा है और यह देश के सकल घरेलू उत्पाद का महज 10 फीसदी है, कर वसूली न्यून है व अन्य समस्याएं हैं।’

यह कहते हुए कि पाकिस्तानियों को असुरक्षित बनाना कोई समाधान नहीं है, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान यह भी महसूस करे कि परमाणु शक्ति से लैस देश होने के नाते उसके वजूद पर कोई खतरा नहीं है। इस बिंदु का उल्लेख करते हुए कि दोनों देश एक ही उपमहादेश का हिस्सा हैं, हक्कानी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान का 5000 वर्ष पुराना साझा इतिहास है 1947 में दोनों को आजाद हुए महज 66 वर्ष गुजरे हैं।

इस बात का उल्लेख करते हुए विभाजन के बाद पैदा होने वाले 95 फीसदी पाकिस्तानियों में से वे एक हैं ओर इसलिए अपने अस्तित्व के लिए ‘डरने की कोई वजह’ नहीं है, हक्कानी ने कहा कि लड़किों की शिक्षा के हक के लिए आवाज बुलंद करने वाली मलाला युसुफजाई देश के लिए एक मिसाल है न कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद। मलाला को पाकिस्तानी तालिबान ने गोली मार दी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी।


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