मिशन 2014-कांग्रेस को चायवाले से भिड़ने में हो रही शर्मिंदगी: मोदी

  • मिशन 2014-कांग्रेस को चायवाले से भिड़ने में हो रही शर्मिंदगी: मोदी
You Are HereNational
Sunday, January 19, 2014-5:44 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की  राष्ट्रीय परिषद का आज आखिरी दिन है और दिल्‍ली के रामलीला मैदान से गुजरात के सीएम और बीजेपी के पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी बीजेपी कार्यकर्त्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। मोदी ने कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की ऐसी दुर्दशा कभी नहीं देखी गई। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस की बैठक में दल बचाने की जद्दोजहद होती है जबकि बीजेपी की बैठक में देश बचाने की कोशिश हो रही है।

कांग्रेस पर जोरदार हमला
रामलीला मैदान में आयोजित बीजेपी की नैशनल काउंसिल की मीटिंग में पार्टी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और यूपीए सरकार को जमकर निशाने पर लिया। मोदी ने कहा कि देश ने करप्शन का इतना विकराल रूप कभी नहीं देखा। हम देश को बचाने में लगे हुए हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी खुद को बचाने की जद्दोजहद में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि अगला चुनाव खास है। इस बार एक नामदार (राहुल गांधी) और मेरे जैसे कामदार व्यक्ति के बीच चुनाव है।

राहुल पर निशाना
मोदी ने इशारों-इशारों में कांग्रेस की दिल्ली बैठक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कांग्रेसी कार्यकर्ता देश भर से पार्टी के पीएम कैंडिडेट के चुनाव की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन लौटे सिर्फ 3 गैस सिलिंडर लेकर।' गौरतलब है कि उस बैठक में राहुल ने एलपीजी सिलिंडर कोटा को 9 से बढ़ाकर 12 कर देना का पीएम से आग्रह किया था।

60 महीने शासन का मौका दिया जाना चाहिए
मोदी ने कहा कि कांग्रेस को 6 दशकों तक देश पर शासन करने का मौका दिया गया, और अब भाजपा को मात्र 60 महीने शासन का मौका दिया जाना चाहिए। मोदी ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का हिम्मत इसलिए नहीं जुटा पाई, क्योंकि उसे पता है कि वह चुनाव में हारने वाली है। कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे लेकिन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे, क्योंकि पार्टी अपना प्रधानमंत्री चुनाव बाद चुनती है। मोदी ने इस तर्क को चुनौती दी है।

कांग्रेस की परंपरा पर हमला

उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस यदि लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्वास करती है तो उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में हुई हत्या के तत्काल बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री कैसे घोषित कर दिया। मोदी ने पूछा, ‘‘क्या उस समय कांग्रेस संसदीय दल की कोई बैठक हुई थी? क्या सीपीपी ने कोई प्रधानमंत्री चुना था? क्या उस बैठक का कोई मिनट है?’’


मोदी ने कहा कि उसी तरह 2004 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सीपीपी ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री चुना, लेकिन उन्होंने एकतरफा निर्णय लेते हुए मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुना। मोदी ने कहा कि हाल ही में यहां हुई कांग्रेस की बैठक केवल इस बारे में थी कि पार्टी को कैसे बचाया जाए, पार्टी को कैसे एकजुट रखा जाए। गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उनकी चर्चाओं का उद्देश्य यही था... वहां पार्टी बचाने की कोशिश हो रही थी, हम देश बचाने की कोशिश कर रहे है। आगामी (लोकसभा) चुनाव में (हमारे बीच) यही बुनियादी फर्क है।’’

बेटे की बलि नहीं देना चाहती मां
मोदी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर खुला हमला बोलते हुए पिछडी जाति और गरीबी के कार्ड को आगे बढ़ाया और कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार इसलिए घोषित नहीं किया क्योंकि इस कुलीन वर्ग को उन जैसे पिछडी जाति और चाय बेचने वाले के सामने मैदान में उतरने में शर्म महसूस होती है। मोदी ने अत्यंत आक्रामक तेवर अपनाते हुए ये भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहुल को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार इसलिए नहीं बनने दिया क्योंकि मां के रूप में वह अपने बेटे की राजनीतिक बलि के लिए तैयार नहीं थीं। भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के मुझे दो कारण दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक कारण तो है ही लेकिन इसके साथ एक मानवीय कारण भी है। जब लोकसभा चुनाव में पराजय निश्चित दिख रही है और विनाश सामने नजर आ रहा है तो कोई मां अपने बेटे की राजनीतिक बलि चढाने के लिए तैयार नहीं होती है तो मां का यही निर्णय रहा... मेरे बेटे को बचाओ ।’’

हस्ती मिटती नहीं हमारी
मोदी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री पद की दौड़ से भागने का और भी कारण है, वह ये कि जिस परंपरा में वह पले बढ़े हैं और जिस परिवार के हैं और जिस तरह वह जीते हैं, उनके मन की रचना भी सामंतशाही होती है। वह किसी चाय वाले से भिडऩा पसंद नहीं करेंगे ।’’ उन्होंने कटाक्ष किया, ‘‘वे नामदार हैं, मैं कामदार हूं। ऊंच-नीच का मामला है ।’’इसी बीच मोदी ने कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। कुछ कांग्रेसी नेताओं द्वारा उन्हें ‘चाय वाला’ कहे जाने पर व्यंग्य करते हुए मोदी ने कहा कि इन दिनों चाय वाले की बडी खातिरदारी हो रही है । देश का हर चाय वाला आज सीना तान कर घूम रहा है। चाय वाले से भिडने में कांग्रेस को बडी शर्मिन्दगी हो रही है। ये बहुत ईमानदार है (लोग कहते हैं)। उन्हें (कांग्रेस को) ईमानदार से मुकाबला करने में शर्म महसूस होती है। कांग्रेसियों के मेरे बारे में ऐसे बयान उनकी सामंतवादी मानसिकता को दर्शाते हैं।

कांग्रेस की सोच पर चोट

नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के उस भाषण का भी मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने (राहुल) कहा था कि कांग्रेस एक सोच है। मोदी ने कहा, 'हम भी मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी एक सोच है। उनकी सोच है भारत मधुमक्खी का छत्ता है, हम मानते हैं भारत हमारी माता है। उनकी सोच है वंशवाद, हमारी सोच है राष्ट्रवाद। वे सोचते हैं पैसे पेड़ पर नहीं उगते, हमारी सोच है पैसे खेतों-खलिहानों में उगते हैं।

मोदी ने लगवाए vote For India के नारे
अपने भाषण के अंत में मोदी ने सभा में उपस्थित कार्यकर्त्ताओं से भारत की एकता के लिए vote For India का नारा लगाने के लिए कहा। भ्रष्टाचार समेत तमाम महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर मोदी ने वोट फोर इंडिया के नारे दिए।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You