इशरत मामला: सीबीआई दाखिल कर सकती है पूरक आरोपपत्र

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Monday, January 20, 2014-7:40 PM

नई दिल्ली: सीबीआई इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में 10 दिन के भीतर पूरक आरोपपत्र दाखिल कर सकती है भले ही आईबी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी की जरूरत पर उसे कानूनी राय नहीं मिले। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि अगर आरोपपत्र दाखिल करने से पहले कानूनी राय नहीं मिलती है तो एजेंसी सक्षम अदालत को सूचित करेगी कि मुद्दा सरकार के समक्ष लंबित है और वह इशरत तथा उसके साथियों को मारने की साजिश के संदिग्ध आईबी अफसरों के नाम नहीं ले सकती।

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी 10 दिन के भीतर मामले में आरोपपत्र दाखिल कर सकती है जिसमें वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के घनिष्ठ सहयोगी अमित शाह का नाम ले सकती है। उन्होंने दावा किया कि एजेंसी के पास आईबी अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं जिन पर मुठभेड़ की साजिश में शामिल होने का संदेह है। हालांकि एजेंसी ने मामले को कानून मंत्री को बढ़ा दिया है और यह प्रश्न भी पूछा है कि विशेष निदेशक राजिंदर कुमार (अब सेवानिवृत्त) और तीन अन्य आईबी अधिकारी- पी मित्तल, एम के सिन्हा तथा राजीव वानखेड़े पर अभियोजन के लिए क्या गृह मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक राय है कि चूंकि कथित अपराध के समय कुमार सक्रिय सेवा में थे, इसलिए उन पर अभियोजन के लिए गृह मंत्रालय से अनुमति आवश्यक है।


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