सरकार और सुरक्षा के बीच फंसी दिल्ली पुलिस

  • सरकार और सुरक्षा के बीच फंसी दिल्ली पुलिस
You Are HereNational
Tuesday, January 21, 2014-12:43 AM

नई दिल्ली, (कुमार गजेन्द्र) :दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने पर बैठने के बाद पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा को लेकर इन दिनों पुलिस पहले ही बेहद दवाब में होती है। ऐसे में राजधानी में इस तरह की राजनीतिक गतिविधियों का होना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

पुलिस ने केजरीवाल के अचानक हुए इस धरने की सुरक्षा को लेकर करीब 4 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी की मानें तो पुलिस ने केजरीवाल को अपने सम्पर्क सूत्रों के माध्यम से समझाने की भी कोशिश की थी।

पुलिस की ओर से केजरीवाल को बताया गया था कि गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा मसला है, लिहाजा इसे निपट जाने के बाद बेशक वह धरना दें लेकिन 26 जनवरी तक इस धरने को टाल दिया जाए। आम आदमी पार्टी सूत्रों की मानें तो केजरीवाल ने इस विषय पर पार्टी के कोर ग्रुप में भी चर्चा की थी लेकिन कोर ग्रुप में मौजूद लोगों ने केजरीवाल को समझाया कि धरने को किसी भी तरह से न टाला जाए।

सुरक्षा करना और सुरक्षा देना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परेड से पहले गृह मंत्रालय में इन दिनों खुफिया विभाग को भी विशेष सुरक्षा बरतने के लिए कहा गया था। दिल्ली पुलिस को अलर्ट पर रखा जाता है, इसके अलावा पुलिस, खुफिया विभाग और अन्य एजैंसियों के दर्जनों विभाग ऐसे हैं, जो सुरक्षा इंतजामों की तैयारियों में लगे होते हैं।

केजरीवाल और आप कार्यकत्र्ताओं के इस उपद्रव के बाद इन एजैंसियों की तैयारियों पर विराम लग सकता है। पुलिस अधिकारियों ने माना है कि केजरीवाल के इस धरने और आप पार्टी कार्यकत्र्ताओं के इस हंगामे से असमंस की स्थिति बन गई है। पुलिस को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करे और क्या न करे। सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस आयुक्त ने इस मामले को लेकर गृह मंत्री से मुलाकात की है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You