आंकड़े भी कठघरे में खड़ा करते हैं दिल्ली पुलिस को

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Tuesday, January 21, 2014-1:46 PM

नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): दिल्ली के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि दिल्ली पुलिस भ्रष्ट है। केवल उगाही करने के काम में लगी रहती है। रेहड़ी-पटरी वालों, गरीब लोगों को भी नहीं छोड़ती। दिल्ली में वारदातें बढ़ रही हैं और दिल्ली पुलिस कुछ करना नहीं चाहती है। दिल्ली में न तो दिल्ली के लोग सुरक्षित न विदेशी। थानों में एस.एच.ओ. की तैनाती पाने के लिए मोटी रकम नेताओं को देनी पड़ती है।

जब पुलिस दिल्ली सरकार के मंत्रियों की नहीं सुन रही है तो फिर आम आदमी कैसे सुनेगी। आंकड़े केजरीवाल के दावे की पुष्टि करते  हैं।
2013 के आंकड़े देखें तो कुल 62130 शिकायतें आई। इनमें से 11836 पुलिस के खिलाफ आई। इनमेें से 2256 के खिलाफ शो कॉज से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई हुई।

इनमें से 158 की विजीलैंस जांच, 1158 के खिलाफ  शो कॉज नोटिस, 446 निलंबित व 794 के खिलाफ डीई(विभागीय जांच) के आदेश हुए है। ऐसा नहीं है कि यह आंकड़ा केवल पिछले साल का है। हर साल पुलिस के खिलाफ शिकायतों की भरमार रहती है। यह शिकायतें तो वह है जो पुलिस के पास आई है।  इनके अलावा जन शिकायत आयोग, मानवाधिकार आयोग सहित अन्य विभागों में भी शिकायतों का ढेर है।

हंगामे के लिए होते हैं निर्णय : कक्कड़
दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त व दिल्ली पुलिस रिटायर्ड गजटैड ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष तिलकराज कक्कड़ कहते हंै कि आप की राजनीतिक अफेयर्स कमेटी में देश के लिए नहीं बल्कि यह निर्णय होते है कि कहां-कहां किस-किसको क्या हंगामा करना है। मुख्यमंत्री होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लोगों के लिए काम करने की बजाए अपने मंत्रियों को बचाने में लगे हुए हैं। देश में गणतंत्र दिवस की तैयारियां हो रही हैं। इस धरने से गणतंत्र दिवस की सुरक्षा में भी सेंध लग सकती है। कक्कड़ कहते हैं कि दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती को कम से कम कानून तो आना ही चाहिए। वह खुद मीडिया पब्लिसिटी पाने के लिए विदेशी महिलाओं को पकड़वाने पहुंच गए।

ज्यादा दर्ज करवाए गए मामले या सुस्त है पुलिस!

-डकैती, हत्या का प्रयास, लूटपाट, फिरौती के लिए अपहरण, झपटमारी व छेड़छाड़ बढ़ी
-बलात्कार की वारदातें हुई दोगुनी से ज्यादा
-जनवरी में ही सामने आई 2 विदेशी महिलाओं से बलात्कार की वारदातें
-वर्ष 2013 में राजधानी में अपराधों में 40 फीसदी से ज्यादा बढ़ौतरी हुई। महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ के मामलों में तो 412 फीसदी की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।  बलात्कार के मामलों में 129 फीसदी की बढ़ौतरी हुई ।
-दिल्ली पुलिस के मुताबिक वर्ष 2012 में कुल मामले 51,479 थे जो 2013 में 43.67 प्रतिशत बढ़कर 73,958 हो गए । वर्ष 2013 में बलात्कार के 1559 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2012 में बलात्कार की 680 वारदातें हुई थी। बलात्कार के मामले में 129.26 फीसदी की बढ़ौतरी हुई।
 


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