न तुम जीते, न हम हारे

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Wednesday, January 22, 2014-1:53 PM

नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): 30 घंटे से ज्यादा का संवैधानिक संकट, कई पुलिसकर्मी व आप के कार्यकर्ता घायल, लाखों लोगों की परेशानी, हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती। इतना सब कुछ होने के बाद आखिर किसे क्या मिला? 4 पुलिसवालों के खिलाफ लड़ाई लडऩे वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले निलंबन, फिर ट्रांसफर पर अड़े हुए थे।

इसके लिए उन्होंने संवैधानिक संकट खड़ा करते हुए धारा 144 तक को तोड़ दिया। धरना खत्म होने के बाद अपनी जीत बताने वाली आप को खुद अहसास है कि नाक बचाने की यह एक कोशिश थी। 2 पुलिसवालों को छुट्टी पर भेजने का फैसले केंद्र व दिल्ली दोनों सरकारों की बात रह गई। इस लड़ाई में न अरविंद जीते न केंद्र सरकार हारी।

इधर, दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त तिलकराज कक्कड़ कह रहे हैं कि 2 पुलिसवालों को छुट्टी पर भेजने को अगर आप पार्टी जीत मान रही है तो यह बड़ा ही हास्यास्पद है। अब तक गणतंत्र दिवस को हल्के में ले रहे अरविंद केजरीवाल को अचानक इसकी गरिमा याद आ गई। यह केवल जनता के लिए आइवॉश है, असलियत में आप पार्टी को धरना खत्म करने के लिए झुकना पड़ा है।

दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर कानून-व्यवस्था पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, इसलिए उप राज्यपाल ने ऐसा फैसला लिया है जिससे पुलिस व केन्द्र की किरकिरी नहीं हुई। अगर इतना कुछ होने के बाद पुलिसवालों पर कड़ी कार्रवाई होती तो पुलिसकर्मियों के मनोबल पर असर पड़ता। आप की फजीहत करते हुए विपक्ष के लोग कह रहे हैं कि कानून मंत्री सोमनाथ भारती से सीधे उलझने वाले ए.सी.पी. को छुट्टी पर नहीं भेजा गया।

दूसरी मंत्री राखी बिड़ला जिस एसएचओ के खिलाफ हंगामा कर रही थी, वह भी छुट्टी नहीं गए। दरअसल इस पूरे मसले का जब आप पार्टी ने मीडिया, सोशल मीडिया, दिल्ली के लोगों की परेशानी आदि आकलन किया तो उन्हें लगने लगा कि धरना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इतना ही नहीं मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। ऊपर से गणतंत्र दिवस की तैयारियां सिर पर।

इसे देखते हुए आप पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेन्द्र यादव खुद बीच का रास्ता तलाशने के लिए उपराज्यपाल के पास पहुंच गए। माना जा रहा है कि वहीं हुई बातचीत में यह तय हुआ कि दो पुलिसवालों को छुट्टी पर भेज दिया जाए। इससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बात भी रह जाएगी और दिल्ली पुलिस व केन्द्र सरकार का भी मान बना रहेगा।

 


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