दूरी और सिबलिंग श्रेणी की होगी अहम भूमिका

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Wednesday, January 22, 2014-3:43 PM

नई दिल्ली : दिल्ली में नर्सरी दाखिला प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। राज्यपाल डॉ नजीब जंग द्वारा नर्सरी के लिए बनाए गए नए दिशा-निर्देशों के तहत सभी निजी स्कूल सौ प्वाइंट सिस्टम का फॉ र्यूला अपना रहे हैं। सौ प्वाइंट सिस्टम में दूरी और सिबलिंग श्रेणी की सबसे अहम भूमिका होगी।

दिशा-निर्देशों के अनुसार दूरी श्रेणी के लिए स्कूलों को 70 अंक देना अनिवार्य है। स्कूलों के आठ किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को स्कूल प्रबंधन को 70 अंक देने ही होंगे फिर चाहे बच्चे का घर स्कूल से एक किलोमीटर दूर हो या फिर आठ किलोमीटर। बच्चे को 70 अंक मिलने तय है। इसी तरह सिबलिंग श्रेणी के लिए अधिकांश स्कूलों ने 20 अंक निर्धारित किए हैं। स्कूल में पहले से पढ़ रहे बच्चे के भाई या बहन को स्कूल प्रबंधन 20 अंक देगा जिससे आवेदनकर्ता छात्र को 100 में से 90 अंक मिल जाएंगे। सौ में से 90 अंक मिलने के बाद बच्चे का स्कूल में दाखिला लगभग तय हो जाएगा।

अगर कोई अभिभावक उस स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर चुका है जिसमें वो अपने बच्चे के दाखिले के लिए आवेदन कर रहा है तो उसके बच्चे को पांच अंक और दिए जाएंगे। साथ ही अंतररा'यीय तबादले पर भी बच्चे को पांच अंक मिलेंगे। दिशा-निर्देशों के तहत अगर स्कूल में नर्सरी कक्षा में सामान्य कोटे की आरक्षित सीटों से ज्यादा बच्चों को 90 अंक मिल जाते हैं तो इस स्थिति में स्कूल प्रबंधन लॉटरी सिस्टम के जरिए बच्चों को दाखिला देंगे। साथ ही दाखिला नकारने पर सभी स्कूलों को अपने नोटिस बोर्ड पर दाखिला नकारने के कारणों की जानकारी दर्ज करनी होगी।

इससे जिन अभिभावकों के बच्चों को दाखिला नहीं मिलेगा, वह अभिभावक अपनी कमी का पता लगा शिक्षा निदेशालय के मुताबिक पांच फरवरी जमा कराने की आखिरी दिन है। पहली दाखिला सूची 28 फरवरी और दूसरी दाखिला सूची 15 मार्च को जारी की जाएगी। सभी स्कूलों को एक ही तिथि पर अपनी-अपनी दाखिला सूची जारी करनी होगी।


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