बारिश, ठंड और पोस्टर की छाया

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Wednesday, January 22, 2014-4:09 PM

नई दिल्ली(अभिषेक आनन्द): एक तरफ लोगों ने गद्दे बिछा लिए थे,कुछ लेट भी गए थे और कई को नींद भी आने लगी थी। यह वक्त था रेल भवन के पास शाम छह बजे का। कुछ लोगों ने कहीं से कुछ कागज और कार्टून के टूकड़े जुटाकर आग का प्रबंध भी कर लिया था। जब बारिश शुरू हुई तो कुछ लोगों ने केजरीवाल का पोस्टर और बैनर ही छाते की तरह तान लिया।

हालांकि बारिश की शाम थी। मौसम कुछ साफ जरूर था लेकिन ठंड भी लग रही था। इसलिए लोगों ने अपने-अपने जगह पकडऩे शुरू कर दिए थे। हालांकि उसी वक्त केजरीवाल वहां से निकलकर प्रेस क्लब की ओर गएं लेकिन लोगों को पता नहीं था कि इसी मीटिंग में धरने की सूरत तय होना है। जो कुछ लोग धरने पर निगाहें गड़ाए थे वे भी घर जाने को थे।

उन्हें लगने लगा था अब आज कुछ खास नहीं होगा। कुछ ऐसे भी थे जो चाह रहे थे उन्हें भी कहीं एक गद्दा मिल जाए। मयूर विहार में रहने वाले युवा पंकज ने कहा कि आज मौका है, यहां रात बिताई जा सकती है। फिर क्या पता, यहां कोई सो भी पाएगा।


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