योग बना रहा कैदियों को स्वस्थ

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Wednesday, January 22, 2014-4:40 PM

नई दिल्ली (दुर्गेश झा): तिहाड़ प्रशाासन द्वारा कैदियों के स्वास्थ्य पर कराए गए एक सर्वे के बाद यह बात सामने आई है। तिहाड़ प्रशासन की मानें तो जेल में आने के बाद ज्यादातर कैदी मानसिक तनाव में रहते हैं। मानसिक तनाव न झेल पाने के चलते कैदियों में कई तरह की बीमरियां पाई जाती थीं, लेकिन तिहाड़ प्रशासन की पहल पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा कैदियों को दी गई योग शिक्षा के बाद कैदी अब फिट और स्वस्थ है। इसका कारण कैदियों में मानसिक तनाव न होना है।
 

जेल में बंद कैदियों को आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने योग में सुदर्शन क्रिया सिखाई थी। पहले चरण में यह विद्या लगभग 5 हजार कैदियों को सिखाई गई थी। बाद में विद्या सीखने वाले कैदियों ने अपने अन्य साथियों को इसकी जानकारी दी। प्रशासन की मानें तो प्रतिदिन सुबह कैदी इसको करते हैं, जिससे उनको काफी फायदा मिल रहा है। 

तिहाड़ प्रशासन की मानें तो कैदियों में गैस, शुगर, ब्लड प्रेशर, मानसिक तनाव जैसी बीमारियां मिलना आम बात थी। जिससे ज्यादातर कैदी बिस्तर पर अपना समय गुजारना पसंद करते थे। वहीं, वर्तमान में ज्यादातर कैदी फिट नजर आ रहे हैं। नित्य योग करने से कैदियों की बीमारी दूर हो रही है। शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों मेंं सुधार देखा जा
रहा है।

तिहाड़ में सुदर्शन क्रिया जैसी कई योग की प्रथा शुरू होने के 3 महीने में ही कैदियों पर इसका असर दिखने लगा है। यह खुलासा तिहाड़ प्रशाासन द्वारा कैदियों के स्वास्थ्य पर कराए गए सर्वे में सामने आया है। सर्वे में सभी कैदियों का स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें अधिकांश कैदी फिट नजर आए। जेल प्रशासन के मुताबिक रोजाना 5 हजार कैदियों द्वारा पूरे 12 हजार कैदियों को योग कराया जा रहा है। ये कैदी देश की अन्य जेल में बंद कैदियों के मुकाबले कई गुना फिट और स्वस्थ है।


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