'राज्य के सर्वागीण विकास के लिए सदन एकजुटता से एक नर्इ दिशा दे'

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Thursday, January 23, 2014-2:29 PM

जयपुर: राजस्थान विधान सभा में आज राज्यपाल मार्गेट आल्वा ने नवनिर्वाचित विधायकों को अपनी ओर से बधाई देते हुए उनसे आह्वान किया कि इस शानदार परम्पराओं वाले सदन की परम्पराओं का निर्वहन करें और प्रदेश के सर्वांगीण विकास में जन साधारण के कल्याण से जुड़े बुनियादी मुददों पर बिना मनभेद के विचार कर एक नयी दिशा देने का आहवान किया है।

हिन्दी में अपना अभिभाषण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान की जनता सदन से आशा और विश्वास संजोए हुए है , इसलिए बिना मनभेद के महत्वपूर्ण सुझाव देंगे जिससे लोकहित की नीतियां और कार्यक्रम बनाने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार का लक्ष्य एक ऐसे नए राजस्थान का निर्माण करना है, जो पूरी तरह से सबल और स्वावलम्बी हो।

राज्यपाल ने कहा कि खुशहाल और समृद्ध राजस्थान में सभी को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार मिले, निशक्त और निर्बल वर्गो को सामाजिक सुरक्षा कवच मिले, महिलाओं को सुरक्षा के साथ सामाजिक और आर्थिक उत्थान के अवसर मिले तथा युवा कौशल विकास से आत्मर्निभर बनें, तब ही हमारा सुराज संकल्प का सपना साकार होगा। आल्वा ने चौदहवीं विधान सभा के चुनाव को निर्विघ्न,स्वतंत्र एवं शान्तिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सदस्यों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे राज्य के विकास से सम्बधित मुददों को प्रभावी ढंग से रख कर ,प्रदेश के सर्वांगीण एवं चहुमुंखी विकास में अपना योगदान देंगे।

उन्होंने स्वतत्रंता आन्दोलन के महानायक नेताजी सुभाष चंद बोस की आज 117 वीं जयंती पर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए उनके त्याग और पूर्ण संघर्ष को हमेशा याद किया जायेगा ,राष्ट्र के प्रति उनका अतुलनीय योगदान आज भी प्रेरणा का संचार करता है। राज्यपाल ने विश्व में जारी विकास की होड़ की चर्चा करते हुए कहा कि इक्कीसवीं सदी में राजस्थान भी अपने आपको देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करे, ऐसी मेरी कामना है। राजस्थान विकास की दृष्टि से स्वर्णयुग में प्रवेश करे इसके लिए हम न केवल सालाना और पंचवर्षीय योजना बनाएंगे बल्कि हमारा लक्ष्य इस दिशा में प्रयास शुरू करना होना चाहिए कि 2020 में नया राजस्थान कैसा हो की परिकल्पना को कैसे साकार किया जा सकता है ।

राज्यपाल ने सरकार की परिकल्पनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि विकास की पांच प्रमुख प्राथमिकताओं  निवेश प्रोत्साहन, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, आर्थिक ढांचे में सुधार तथा शिक्षा व कौशल विकास पर विशेष महत्व देना तय दिया गया है। उन्होंने कहा कि खास तौर से निशक्त जन, महिलाओं व बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नयी सोच के साथ प्रभावी उपाय भी शामिल किए गए है। आल्वा ने अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति ऋग्वेद के माध्यम से करते हुए कहा कि हमारी मंत्रणा में, समितियों ,विचारों में ओैर चिन्तन में समानता हो, सद्भावना हो,विषमता और दुर्भावना न हो।

उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड द्वारा हिन्दी में बोलने में आ रहीं दिक्कत को देखते हुए अभिभाषण पढ़ा हुआ मान लेने के अनुरोध पर उन्होंने कुछ पक्तियों के बाद अपना अभिभाषण पूरा कर दिया।इससे पहले राज्यपाल ने ज्यों ही अभिभाषण पढना शुरू किया , कांगे्रस के गोपाल सिंह डोटासर ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि पूर्व विधान सभा में भी इन्होंने ही आपको आपका अभिभाषण नही पढने दिया , इससे इनका दोहरा चरित्र सामने आ गया है ।
 

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