प्राईवेट हाथों में सौंपे जाएंगे निगम के टॉयलेट ब्लॉक्स

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Thursday, January 23, 2014-2:47 PM

नई दिल्ली :दिल्ली नगर निगम के चारों जोनों में बने सैकड़ों कम्युनिटी टॉयलेट कॉम्पलैक्स और पब्लिक यूरिनल ब्लॉकों का संचालन अब प्राईवेट एजैंसियां करेंगी। टॉयलेट ब्लॉकों का रखरखाव और संचालन प्राइवेट एजैंसियों को सौंपने का प्रस्ताव स्थायी समिति ने विपक्ष की आपत्ति के बाद भी पास कर दिया है। 

इंजीनियरिंग विभाग की ओर से प्रस्तावित निगम के इस प्रस्ताव को लेकर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के नेता विपक्ष फरहाद सूरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज करवाया था। सूरी का कहना रहा कि निगम करोड़ों रुपए खर्च कर टॉयलेट ब्लॉकों को प्राईवेट हाथों में सौंपने जा रही है। निगम स्वयं इसका संचालन क्यों नहीं कर रही है। 

निगम एक-एक कर सभी सेवाओं का प्राईवेटाइजेशन कर रही है तो फिर साफ-सफाई को भी प्राईवेट हाथों में सौंपा जाना चाहिए। इससे पहले भी निगम वॉटर लैस यूरिनल, हाईएंड टॉयलेट ब्लॉक को प्राईवेट हाथों में सौंपकर करोड़ों रुपए बर्बाद कर चुकी है। एक बार फिर निगम ऐसी ही योजना बना रही है। इस पर विचार करने की जरूरत है। 

बैठक में मामला उठने के निगमायुक्त मनीष गुप्ता ने कहा कि निगम ब्लॉकों को पांच साल के लिए प्राईवेट हाथों में सौंपेगी। 

जिस कंपनी को ठेका दिया जाएगा वो कंपनी की इसका रख-रखाव और संचालन करेगी। निगम यूरिनल ब्लॉकों और कम्युनिटी टॉयलेट कॉप्लेक्स की वर्तमान स्थिति को लेकर पेमैंट करेगी। जो टॉयलेट ब्लॉक चल रहा होगा उसकी ही पेमंैट की जाएगी। 

टॉयलेट बंद होने या लोगों को असुविधा होने की स्थिति में निगम किसी प्रकार का पेमैंट नहीं करेगी। सत्तापक्ष-विपक्ष और निगम अधिकारियों का पक्ष सुनने के बाद स्थायी समिति अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया। बताते चलें कि निगम के इन टॉयलेट ब्लॉकों का संचालन एन.जी.ओ. के माध्यम से करवाया जा रहा है। जिसमें अधिकतर टॉयलेट की स्थिति दयनीय है जिसे देखते हुए निगम ने यह फैसला किया है। 


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