2 सप्ताह में दिशा-निर्देश बनाए सरकार

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Thursday, January 23, 2014-3:16 PM

 नई दिल्ली : आतंकवाद जैसी आपदा का शिकार हुए लोगों  को राहत देने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत दिशा-निर्देश बनाने के की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच न्यायालय ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह इस संबंध में दो सप्ताह में दिशा-निर्देश तय करें। अब इस मामले में 19 फरवरी को सुनवाई होगी। यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश एन.वी.रामना की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दिया है।

न्यायालय के समक्ष गौरव बंसल  ने यह याचिका दायर की है जिसमें डिजास्टार मैनेजमैंट एक्ट की धारा 12 व 19 को लागू करने की मांग की गई है।  याचिकाकर्ता ने कहा है कि देशभर में आतंकवादी घटनाएं होती रहती है, जिसे आपदा में शामिल किया गया। सरकार ने  डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट बनाया था  परंतु इस एक्ट की धारा 12 व 19 को अब तक लागू नहीं किया गया है। इन धाराओं के तहत आपदाओं का शिकार हुए लोगों को न्यूनतम क्या राहत दी जानी चाहिए,उसके संबंध में दिशा-निर्देश बनाने थे,जो अभी तक नहीं बने हैं।
 
धारा 12 के अनुसार, ऑथिरिटी को यह काम सौंपा गया है कि वह आपदा के शिकार हुए लोगों को क्या न्यूनतम राहत दी जानी चाहिए,उसके संबंध में दिशा-निर्देश बनाए। जबकि धारा 19 के अनुसार राज्य सरकारों को भी ऐसे दिशा-निर्देश तैयार करने है। उसने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो पता चला कि  अभी तक  नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अॅथारिटी ने आपदा की शिकार हुई विधवाओं व अनाथों  के लिए कोई  दिशा-निर्देश तैयार नहीं किए गए हैं

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