सुनंदा की मौत: हत्या, हादसा या खुदकुशी

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Thursday, January 23, 2014-4:14 PM

नई दिल्ली (कुमार गजेन्द्र): सुनंदा पुष्कर मामले में पुलिस के सामने नई तरह की उलझन पैदा हो गई है। मामला पूरी तरह से हत्या, हादसा और खुदकुशी की टेगलाइन पर आकर ठहर गया है। एसडीएम आलोक शर्मा की रिपोर्ट के बाद पुलिस को एक बार फिर नए सिरे से इस मामले की जांच करनी पड़ रही है। सुनंदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हाईप्रोफोइल लोगों से जुड़े होने के कारण भी पुलिस या एसडीएम इस मामले में किसी तरह की कमी नहीं छोडऩा चाहते हैं। 

पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों के बोर्ड ने सुनंदा की बॉडी पर कुछ निशान देखे थे, हालांकि डाक्टरों ने रिपोर्ट में यह नहीं बताया कि जो निशान पाए गए हैं, वह मारपीट के कारण या फिर किसी तरह के झगड़े में आई चोट के निशान हैं, लेकिन निशान पाए गए थे, यह बड़ी बात थी? डाक्टरों ने इन निशानों की ओर इशारा किया था। इन्हीं को आधार बनाकर और यह निशान कैसे आए इसके लिए एसडीएम ने पुलिस को जांच करने के लिए कहा। 

शशि थरूर को एक दम क्लीनचिट दिए जाने से सुनंदा का परिवार इस आधार बनाकर कोर्ट जा सकता था, जिससे पुलिस की बाद में फजीहत हो सकती थी, इसलिए एसडीएम ने इसमें पुलिस को एक बार फिर जांच करने को कहा है। इसके साथ ही पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज और होटल स्टाफ के बयानों को भी रिकार्ड कर इस मामले की जांच फाइल में नत्थी कर अपने पक्ष को और मजबूत करना चाहती है। 

उधर इस मामले की जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से हादसा भी हो सकता है। अभी तक की जांच से पता चल रहा है कि सुनंदा डिप्रैशन में चल रही थी। जिस कारण उसने कई दिनों से खाना नहीं खाया था। भूख मिटाने के लिए वह नारियल पानी पी रही थीं। इससे पता चलता है कि उनका पेट पूरी तरह से खाली थी। पेट खाली होने की बात उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी साफ हो गई है। इसके बावजूद वह लगातार स्मोक कर रही थीं और अपनी बीमारी की दवाएं भी ले रही थीं। बताया यह भी जा रहा है कि उन्होंने मरने से पहले शराब का भी हल्का सेवन किया था। 

डाक्टरों का कहना है कि दवा खाने और स्मोक व हल्की शराब पीने के बाद वह अपने कमरे में सो गईं, लेकिन दवा, स्मोक व शराब के कॉकटेल ने खाली पेट में जहर बना दिया, जिस कारण उनकी सोते समय ही मौत हो गई होगी। डाक्टरों का कहना है कि खाली पेट दवा लेने से वैसे भी रिएक्शन होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं। इस मामले में भी ऐसा हो सकता है। 

पुलिस के कुछ अधिकारी सुनंदा द्वारा खुदकुशी किए जाने की बात को भी तूल दे रहे हैं। उनका मामना है कि सुनंदा ने अत्याधिक दवाओं का सेवन जानबूझकर किया होगा। वह शशि थरूर और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के प्रसंग से बेहद नाराज थी, इसलिए उसने जानबूझकर ऐसा किया, ताकि शशि थरूर डर जाए, लेकिन दवाएं ज्यादा मात्रा में ली गईं, इसलिए उनकी मौत हो गई। मनोविज्ञानिकों का मानना है कि ज्यादातर मामलों में खुदकुशी करने वाला मरने से पहले कुछ नोट या एसएमएस आदि जरूर छोड़ता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ है। वह भी तब जब सुनंदा ट्वििटर और फेसबुक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती थीं। उनका एक बेटा भी है, जिसे वह बहुत प्यार करती थीं, ऐसे में उनका बेटे के लिए संदेश छोडऩा काफी हद तक तय था। लेकिन सुनंदा द्वारा ऐसा न करना भी इस मामले को हादसे की ओर मोड़ता है। 

बहरहाल पुलिस ने सुनंदा के दो भाईयों और बेटे शिव मेनन के अलावा कुल 11 लोगों के बयान दर्ज  किए हैं। पुलिस ने होटल स्टाफ और शशि थरूर के बंगले में मौजूद कुछ नौकरों व सुनंदा के कुछ दोस्तों के बयान भी दर्ज किए हैं। पुलिस इस मामले से जुड़े हर पहलु को खंगाल लेना चाहती है। इसके बाद ही इस पर कोई फैसला आएगा। 


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