रेप व तेजाब पीड़िताओं का मुफ्त इलाज करे अस्पताल: शशांक

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Thursday, January 23, 2014-8:10 PM

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे तेजाब हमले या बलात्कार पीड़िताओं को तत्काल और मुफ्त चिकित्सा मुहैया कराएं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव एस बी शशांक ने इस संबंध में राष्ट्रीय राजधानी के सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ-साथ दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष को इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया।

अस्पताल, तेजाब हमले के पीड़ितों को भारतीय दंड संहिता 326 ए और बलात्कार को आईपीसी की धारा 376 के तहत तेजाब हमले के पीड़ितों का इलाज करने से इंकार नहीं कर सकते हैं। परिपत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भीतर निजी प्रबंधन वाले अस्पतालों समेत सभी अस्पतालों के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक को आईपीसी की धारा 326 ए, 376, 376 ए, 376 बी, 376 सी, 376 डी या 376 एफ के दायरे में आने वाले अपराध के किसी भी पीड़ित का संज्ञान लेना होगा और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करना होगा और पुलिस को घटना के बारे में इसकी सूचना देनी होगी।

परिपत्र के अनुसार यह आदेश सभी सरकारी, निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम पर लागू होगा। परिपत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि तेजाब हमले या बलात्कार पीड़िता को किसी खास अस्पताल में पुलिस मामला होने का हवाला देकर इलाज से वंचित नहीं किया जा सकता है। अगर संबद्ध अस्पताल में इस तरह के मामलों का इलाज करने के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा नहीं होगी तो उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद अन्य अस्पतालों को इसे भेजना होगा।

इसमें कहा गया है कि हर अस्पताल प्रबंधन का यह कर्तव्य होगा कि तेजाब हमले के किसी भी पीड़ित को बिना मुफ्त प्राथमिक उपचार या तत्काल इलाज प्रदान किए वापस नहीं लौटाना होगा।एक अधिकारी ने कहा कि तेजाब हमले या बलात्कार के ऐसे मामले चिकित्सीय-कानूनी मामला हो जाते हैं और इस प्रकार पीड़ित को सीधे सरकारी अस्पताल ले जाया जाता है भले ही वह घटनास्थल से दूर हो। इससे उपचार में विलंब होता है और पीड़िता की हालत में और गिरावट आती है।
 


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