आनंद विहार टर्मिनल : अधर में लटकी अंडरपास बनाने की योजना

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Friday, January 24, 2014-12:54 AM

नई दिल्ली : यात्रियों की सुविधा के लिए आनंद विहार टर्मिनल से आनंद विहार स्टेशन के बीच बनने जा रहे अंडरपास की योजना फंड की कमी के कारण अधर में लटक गई है। जिसकी वजह से प्रतिदिन हजारों लोग रेल टै्रक पार करते हुए स्टेशन व टर्मिनल के बीच आवागमन करने को मजबूर होने के साथ अपनी जान भी हथेली पर रख रहे हैं, जबकि यहां के दैनिक यात्री कई बार रेल प्रशासन को इस बारे में खत लिख चुके हैं।

इसके बाद अंडरपास बनाने की योजना तो तैयार की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी बजट घोषणा तक ही सीमित रह गई। अब इस योजना को आगामी रेल बजट में आगे बढऩे की उम्मीद है। दरअसल, 5 वर्षों तक चले निर्माण कार्य के बाद वर्ष 2009 में आनंद विहार में अलग से एक टर्मिनल का निर्माण किया गया था।

उद्घाटन के बाद से इस टर्मिनल से पूरब की तरफ जाने वाली करीब सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं लेकिन ई.एम.यू. समेत सभी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पुराने स्टेशन से ही किया जा रहा है। ऐसे में गाजियाबाद, साहिबाबाद, शाहदरा समेत अनेक इलाकों में रहने वाले उत्तर प्रदेश तथा बिहार के हजारों लोग पैसेंजर ट्रेन से आनंद विहार स्टेशन पर आते हैं और टर्मिनल पर आकर एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार करते हैं।

इन हजारों यात्रियों की असल परेशानी उस वक्त शुरू होती है, जब उन्हें दोनों स्टेशनों के बीच की करीब आधे किलोमीटर की दूरी जान हथेली पर रखकर तय करनी पड़ती है। दोनों स्टेशनों के बीच न तो कोई फुट ओवर ब्रिज है और न ही अंडर पास। कुछ लोग तो वहां से करीब 400 मीटर आगे जाकर बस से आनंद विहार बस अड्डा पहुंचते हैं, फिर वहां से टर्मिनल जाते हैं। जिसमें उनके किराए के रूप में अधिक पैसे तो खर्च होते ही हैं, समय बर्बाद होने के साथ सामान उठाने में शारीरिक पेरशानी भी बढ़ जाती है।

वहीं, हजारों लोग ऐसे ही टै्रक पार कर यहां पहुंच जाते हैं। इस बारे में रेलवे दिल्ली मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अजय माइकल कहते हैं कि कुछ कारणों से इस पर काम शुरू नहीं हो पाया था, लेकिन जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।


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