'विक्रांत' को संग्रहालय में बदलने की याचिका उच्च न्यायालय ने ठुकराई

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Friday, January 24, 2014-3:27 PM

मुंबई: बम्बई उच्च न्यायालय ने आज उस जनहित याचिका को ठुकरा दिया, जिसमें भारत के पहले विमान वाहक पोत ‘‘विक्रांत’’ को सामुद्रिक संग्रहालय में बदलने की मांग की गई थी। महाराष्ट्र सरकार का कहना था कि पोत पर संग्रहालय बनाने पर आने वाले खर्च को देखते हुए यह विचार व्यवहारिक नहीं है। दूसरी ओर केन्द्र का कहना था कि पोत का कार्यशील जीवन समाप्त हो चुका है और ऐसे में इसपर संग्रहालय बनाना खतरनाक होगा।

मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह ने कहा, ‘‘हमें खुशी होगी अगर विक्रांत को सामुद्रिक संग्रहालय में बदल दिया जाए, लेकिन हम शासन को ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। यह सरकार की पसंद है कि वह पोत पर सामुद्रिक संग्रहालय बनाए या समुद्र में (छत्रपति शिवाजी की) प्रतिमा बनाए।’’

पीठ ने कुछ वर्गों से उठ रही इस मांग का भी जिक्र किया कि अरब सागर में गिरने वाली नदियों का रूख राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों की तरफ मोड़ दिया जाए। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह भी सरकार की पसंद पर निर्भर करेगा कि वह नदियों को सूखा प्रभावित इलाकों की तरफ मोड़े या नहीं।’’किरण पइगांकर द्वारा दायर जनहित याचिका में केन्द्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि पोत की कबाड़ के तौर पर नीलामी नहीं की जाए और सामुद्रिक संग्रहालय के तौर पर इसे सहेज लिया जाए।
 


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