विकास के लिए अब 3.5 करोड़ पार्षद फंड

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Friday, January 24, 2014-4:36 PM

 नई दिल्ली : निगम के पार्षद भी अब लोगों के इच्छानुरूप सड़कों का निर्माण कार्य करवा सकेंगे। विकास कार्य के लिए पार्षदों को फंड की कमी आड़े नहीं आएगी। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए पार्षद फंड को बढ़ाकर 2 गुना कर दिया है। 

ग्रामीण क्षेत्र के पार्षद 3 करोड़ 51 लाख रुपए तथा शहरी क्षेत्र पार्षद 3 करोड़ एक लाख रुपए अपने क्षेत्र की आर.डब्ल्यू.ए. और जनता के सुझाव पर विकास कार्य करवा सकेंगे। स्थायी समिति ने पार्षद फंड से करवाए जाने वाले विकास कार्यों की सभी मदों की राशि में बढ़ौतरी की है। लोगों की इच्छा से करवाए जाने वाले विकास कार्यों के लिए मिलने वाले पार्षद फंड को 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 75 लाख रुपए प्रत्येक वार्ड किया गया है। इसी प्रकार से सफाई कार्यों के लिए पार्षद फंड 40 लाख रुपए प्रत्येक वार्ड किया गया है। 
 
सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटिंग के लिए पार्षद फंड को 15 लाख रुपए प्रत्येक वार्ड किया गया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में आने वाले 101 गांवों के लिए प्रत्येक गांव के सुधार के लिए 30 लाख रुपए पार्षद फंड की व्यवस्था की गई है। 22 ग्रामीण वार्डों में प्रत्येक वार्ड के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। ग्रामीण वार्ड के पार्षदों को प्रत्येक वार्ड के लिए 50 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा पार्षद क्षेत्रीय विकास निधि राशि को 50 लाख रुपए किया है। इस राशि से पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवा सकेंगे।
 
अब तक पार्षदों को डेढ़ लाख रुपए के करीब ही सभी मदों में राशि मिलती थी। जिसे बढ़ाते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष ने दिल्ली देहात और शहरी क्षेत्र को बराबर तवज्जो दी है। स्थायी समिति अध्यक्ष मोहन भारद्वाज का कहना है कि फंड के अभाव में कोई पार्षद विकास कार्य नहीं करवा पा रहे थे अब वे लोगों की इच्छानुसार भी कार्य करा सकेंगे। स्थायी समिति के बजट पर चर्चा के बाद सदन में बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा। सदन से पास होते ही इसे वित्तीय वर्ष से लागू कर दिया जाएगा। 
 

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