बिजवासन रेल टर्मिनल पेंच में फंसा

  • बिजवासन रेल टर्मिनल पेंच में फंसा
You Are HereNational
Friday, January 24, 2014-5:28 PM

नई दिल्ली (राजेश रंजन सिंह): द्वारका उपनगरी समेत आसपास के दर्जनों गांवों में बसी लाखों आबादी को रेल परिवहन से जोडऩे की योजना फिलहाल अधर में लटकती दिखाई पड़ रही है। सरकारी योजना थी कि बिजवासन को आनंद विहार मेगा रेलवे टर्मिनल की तर्ज पर मेगा टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से भीड़ कम हो सके, पर सालों बाद भी योजना अधर में है।

 
भूखंड नहीं मिल पा रहा 
साल 2009 की शुरूआती योजना के तहत बिजवासन रेलवे स्टेशन को आधुनिक मेगा रेलवे टर्मिनल में तब्दील किए जाने की योजना बनाई गई थी। मेगा टर्मिनल निर्माण के लिए करीब 111 एकड़ के भूखंड की आवश्यकता को प्रस्तावित किया गया था। इसके लिए 100 एकड़ की जमीन का अधिग्रहण संबंधित विभाग द्वारा किया जा चुका है, लेकिन बाकी बचे जमीन अधिग्रहण में स्टेशन से सटे 2 स्कूल आ रहे हैं। इस समस्या को सुलझाने के लिए दिल्ली सरकार और रेलवे के बीचबातचीत का सिलसिला 
जारी है।
  
लाखों हो सकते हैं लाभान्वित
बिजवासन रेलवे स्टेशन को मेगा टर्मिनल बनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली जैसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर यात्री दबाव कम करना था। इस मेगा टर्मिनल के बनने से सबसे ज्यादा लाभ द्वारका उपनगरी की लाखों की आबादी को होता। साथ ही द्वारका और बिजवासन से सटे कापसहेड़ा, नजफगढ़, बामनोली जैसे बड़े गांव और दर्जनों कालोनियों में बसे लोग भी लाभांवित होते।  इसके अतिरिक्त इन क्षेत्रों में परिवहन की समस्या में भी काफी सुधार आने कीसंभावना दिख रही थी। 

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You