द्वारका के गांवों को नहीं मिला पानी

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Friday, January 24, 2014-5:41 PM

नई दिल्ली (राजेश रंजन सिंह): द्वारका उपनगरी बसाने के लिए 80 के दशक में लगभग दर्जनों गांवों की जमीन का दिल्ली विकास प्राधिकरण (डी.डी.ए.) द्वारा अधिग्रहण किया गया था। अधिग्रहण के समय गांव वालों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने का वायदा किया गया था।

द्वारका उपनगर का विकास तो खूब हुआ, लेकिन सालों बीतने के बाद भी ये तमाम गांव बुनियादी सुविधाओं की कमी से हलकान हैं। यहां तक कि इन्हें पीने का पानी भी अभी तक नसीब नहीं हो सका है।पोचनपुर, बामनोली, धूलसिरस, अम्बरहाइ, ककरोला, बागड़ोला आदी गांवों में यहां पर पीने के पानी की कमी इस कदर व्याप्त हैं कि यहां के निवासी ट्यूबवैल के पानी का उपयोग अन्य कामों के साथ-साथ अपनी प्यास बुझाने के लिए भी करते हैं। द्वारका उपनगरी के अंतर्गत आने वाले किसी भी गांव में जल बोर्ड के पानी की आपूर्ति नहीं की जाती है, जिससे लोग ट्यूबवैल का पानी पीने को 

मजबूर हैं। जमीन अधिग्रहण के समय किए गए वादे अब तक पूरे न होने के चलते ग्रामीण ठगा महसूस करने लगा है। गांववासियों का आरोप है कि ट्यूबवैल के खारे पानी को पीने से लोगों को पेट में संक्रमण व अन्य समस्या हो रही है। गांव वालों की मानें तो ये सभी गांव लगभग 400 साल पुराने बसे हुए हैं। ऐतिहासिक महत्व रखने के बाद भी कोई जनप्रतिनिधि समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देता है।


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