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‘2005 के पहले के करंसी नोट वापस लेने से भ्रष्टाचार कम नहीं होगा’

  • ‘2005 के पहले के करंसी नोट वापस लेने से भ्रष्टाचार कम नहीं होगा’
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Friday, January 24, 2014-8:02 PM

नई दिल्ली: योग गुरू रामदेव ने वर्ष 2005 के पहले के सभी करंसी नोट वापस लेने के निर्णय पर रिजर्व बैंक को पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। बाबा रामदेव ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 2005 के पहले के करंसी नोट वापस लेने से महंगाई, कालेधन, भ्रष्टाचार, नकली नोट और आर्थिक बदहाली की समस्या का समाधान नहीं होगा।

 

उन्होंने अब तक छापे गए सभी बड़े नोट वापस लेने तथा नोट के बदले नोट नहीं देकर बैंकों से लेन देन के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंको के माध्यम से लेन देन से कालेधन, भ्रष्टाचार तथा कुछ अन्य समस्याओं का सामधान हो सकता है।

 

योग गुरू ने कहा कि रिवर्ज बैंक के आंकडो के अनुसार देश में 94 प्रतिशत बड़े नोट हैं। इसलिए छोटे नोटों को वापस लेने से कोई लाभ नहीं है। देश में एक हजार के 37 प्रतिशत, पांच सौ के 45 प्रतिशत तथा एक सौ के बारह प्रतिशत नोट है। 

 

उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले उन्होंने बड़ी करंसी नोट का मुद्दा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष उठाया था लेकिन वह मौन रह गए थे। उन्होंने कहा कि 23 मार्च को योग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा जिसमें समग्र परिवर्तन की नींव डाली जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इसमें दस करोड़ लोग आएंगे। 

 
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