दिल्ली में पूर्वाेत्तर की 60 प्रतिशत महिलाएं होती हैं प्रताडि़त

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Friday, January 24, 2014-8:54 PM

नई दिल्ली : एक सर्वे के अनुसार यह बात सामने आई है कि पूर्वोत्तर की महिलाओं से सर्वाधिक भेदभाव और उनकी प्रताडऩा को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का स्थान सबसे उपर है। नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलूर में पूर्वोत्तर की करीब 60 प्रतिशत महिलाओं को प्रताडऩा और भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

सर्वेक्षण में भाग लेने वाली 23 प्रतिशत महिलाओं ने अपने मकान मालिक द्वारा प्रताडि़त किए जाने की बात स्वीकार की, वहीं 42 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें अक्सर गाली सुननी पड़ी। 29 प्रतिशत महिलाओं ने प्रताडऩा और छेड़छाड़ होने की बात कही। दो तिहाई महिलाएं पढ़ाई कर रही हैं जबकि शेष शिक्षिका, चिकित्सक, इंजीनियर, सरकारी कर्मचारी, कॉल सेंटर कर्मी और ब्यूटिशीयन हैं।

यह सर्वेक्षण नार्थ ईस्ट स्टडीज एण्ड पॉलिसी रिसर्च ने किया जिसे राष्ट्रीय महिला आयोग ने प्रायोजित किया था। सर्वेक्षण में मकान मालिक, शिक्षक, वकील, पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता सहित 300 से अधिक लोगों को शामिल किया गया है।

महिला प्रवासियों के लिए वरीयता प्राप्त स्थान होने के बावजूद भेदभाव के मामले में दिल्ली का स्थान सबसे उपर है जहां 81 प्रतिशत महिलाओं ने ऐसे आरोप लगाए। इसके बाद बेंगलूर का स्थान है। मुंबई सबसे सुरक्षित शहर के तौर उभरा है जहां ऑटो और टैक्सी चालकों के किसी तरह के जोर जबरदस्ती वाले व्यवहार की बात नहीं कही गई।
 
अध्ययन में शामिल लोग अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार रोक अधिनियम जैसे कानूनों से अनभिज्ञ नजर आए और उन्होंने पुलिस पर भरोसा नहीं जताया। 80 प्रतिशत पीड़िताओं ने प्रताडऩा की शिकायत पुलिस के पास दर्ज नहीं कराने का विकल्प चुना।
 


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