नोट वापस लेने से काले धन का सामाधान नहीं : रामदेव

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Friday, January 24, 2014-9:53 PM
नई दिल्ली : रिजर्व बैंक के 2005 से पहले के नोट वापस लेने के फैसले पर बाबा रामदेव ने कहा कि रिजर्व बैंक के आदेश से कालेधन का समाधान नहीं हो सकता है। रिजर्व बैंक को अपने आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए। क्योंकि मात्र 2005 से पहले के करेंसी नोट वापस लेने से महंगाई,कालाधन,भ्रष्टाचार,नकली करेंसी व आर्थिक बदहाली का समाधान नहीं होगा।
 
शुक्रवार को कंास्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार सही मायने में आर्थिक समस्याओं के प्रति गंभीर है तो उसे तीन कदम एक साथ उठाने चाहिए। पहला, यह है कि अभी तक छापे गए सभी बड़े नोट (पांच सौ और हजार के नोट) वापस लेने चाहिए। फिर नोट के बदले नोट न देकर, बैंकों से लेन-देन के लिए प्रेरित करना चाहिए। 
 
क्योंकि, बैंकों से लेनदेन को कभी भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। नोट के बदले नोट देने से मामूली तौर पर नकली नोट पर लगाम लगेगी। दूसरा, छोटी करेंसी वापस लेने से लोगों को परेशानी के सिवाय कुछ हासिल नहीं होने वाला है। तीसरा, बैंकों द्वारा लेन-देन से लोग डरें नहीं, इसके लिए हमें अपनी आर्थिक नीतियों व कर प्रणाली में व्यापक बदलाव लाकर टैक्स टेरीरिज्म व इकोनोमिक एनार्की से देश को मुक्ति दिलानी होगी। रामदेव ने कहा कि देश के आंतरिक अर्थव्यवस्था में जो काला धन है, उस पर भाजपा को मुद्दा उठाना चाहिए।

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