बिजली कंपनियों का ऑडिट होगा: हाई कोर्ट

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Saturday, January 25, 2014-12:08 AM

नई दिल्ली : तीन निजी बिजली कंपनियों को करारा झटका देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के उस पर फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है,जिसमें इन कंपनियों का ऑडिट कैग से कराने की बात कही गई थी।

न्यायालय ने बी.एस.ई.एस राजधानी पावर लिमटेड, बी.एस.ई.एस यमुना पावर लिमटेड ऑफ रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप व टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रब्यूशन लिमटेड को कहा है कि वह कैग से ऑडिट कराने में सहयोग करें। हालांकि कैग को निर्देश दिया है कि फिलहाल वह अपनी रिपोर्ट अदालत की अगली सुनवाई से पहले दायर न करें। अब इस मामले में 19 मार्च को सुनवाई होगी।

न्यायमूर्ति मनमोहन की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में विस्तार से सुनवाई किए जाने की जरूरत है। इसलिए नोटिस जारी किया जाता है परंतु सरकार के फैसले पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। बिजली कंपनियों ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में बनी सरकार के सात जनवरी के फैसले को न्यायालय में चुनौती दी है। जिसमें इन कंपनी के  खातों की जांच कैग से कराने की बात कही गई थी।

कंपनियों का कहना है कि कैग को उनके खातों की जांच करने का अधिकार नहीं है। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि कंपनियों की यह दलील गलत है कि कैग उनके खातों की जांच नहीं कर सकती है। इस मामले की सुनवाई दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष भेज दी जानी चाहिए क्योंकि इसी मुद्दे पर एक जनहित याचिका लंबित है।


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