हम सत्ता भोगने नहीं सारी सत्ता जनता के हाथों में सौंपने के लिए आए हैं : केजरीवाल

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Saturday, January 25, 2014-8:57 PM
नई दिल्ली : संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि मुख्यमंत्री धरना नहीं दे सकता। राजधानी में धारा 144 लगाना ही गलत है। सात मंत्री, सचिव और अधिकारी मिलकर दिल्ली को नहीं सुधार सकते। दिल्ली को सुधारना है तो डेढ़ करोड़ लोगों को मिलकर कोशिश करनी होगी। हम सत्ता भोगने के लिए नहीं आए हैं। हम सारी की सारी सत्ता जनता के हाथों में सौंपने के लिए आए हैं।
 
सत्ता के किले तोडऩे के लिए आए हैं। हम इस देश के हर आदमी को मालिक बनाने आए हैं। जनता को सत्ता में हिस्सेदारी देने के लिए हमारी सरकार स्वराज कानून लागू करेगी, जिसका ड्राफ्ट तैयार हो रहा है और 15 दिन में यह कानून बन कर तैयार हो जाएगा। उक्त बातें शनिवार को छत्रसाल स्टेडियम में राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कही । 
 
केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली को देश का पहला भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाएगी। इसके लिए फरवरी में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर जनलोकपाल बिल पास कराया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने दावा किया कि अब तक उनकी सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उससे दिल्ली में 20 से 30 फीसद भ्रष्टाचार कम हो गया है।
 
इस दौरान केजरीवाल ने एक चायवाले का उदाहरण दिया उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ दिन पहले एक दोस्त ने बताया कि उसके घर के सामने एक चायवाला चाय बेचता है। वह चायवाला पहले 8 रुपये की चाय बेचता था। उसने अपना रेट अब कम करके 6 रुपये कर दिया है। उसने पूछने पर बताया कि अब पुलिसवालों को पैसा नहीं देना पड़ता है। अब दिल्ली में किसी ऑटोवाले या चायवाले से कोई पुलिसवाला रिश्वत नहीं लेता है। अब आम लोगों को लगता है कि दिल्ली में उसकी सरकार है।
 

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