असंवैधानिक नहीं था मेरा धरना : केजरीवाल

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Saturday, January 25, 2014-10:45 PM

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी के मध्य में हाल के अपने दो दिवसीय धरने का बचाव करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज कहा कि उन्होंने संविधान के खिलाफ कोई काम नहीं किया है और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके प्रदर्शन की योजना के बारे में जानने के बाद धारा 144 लगाई।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संविधान लोगों के किसी हित के लिए मुख्यमंत्री को प्रदर्शन करने से नहीं रोकता। मैंने भी संविधान पढ़ा, लेकिन कहीं भी यह नहीं पाया कि मुख्यमंत्री धरना नहीं दे सकता। मैंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाने के लिए धरना दिया था।

अधिकारियों ने मेरी योजना जानने के बाद सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी। इसने मुझे यह सोचने को मजबूर किया कि कोई मुख्यमंत्री सुरक्षा के लिए खतरा कैसे बन सकता है। संवैधानिक पद पर रहते हुए प्रदर्शन का नेतृत्व करने में केजरीवाल की भूमिका उच्चतम न्यायालय की नजरों में आ गई है जिसने राष्ट्रीय राजधानी के मध्य में मुख्यमंत्री के समर्थकों को गैर कानूनी तरीके से एकत्र होने देने के लिए कानून प्रवर्तन एजैंसियों की निन्दा की थी।

केजरीवाल ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 लगाने की क्या आवश्यकता थी? कई लोगों ने मुझसे कहा कि हमने असंवैधानिक काम किया है। मैं संविधान के खिलाफ नहीं गया। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया किसी न किसी पार्टी से जुड़ी है और आम आदमी पार्टी के खिलाफ नकारात्मक स्टोरी कर रही है।

केजरीवाल और उनके छह मंत्रियों ने तीन अलग- अलग मामलों में पांच पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया था। उन्होंने अपना धरना उप राज्यपाल द्वारा दो पुलिसकर्मियों को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद खत्म किया था।

उन्होने कहा कि मुझे लगता है कि यदि मैंने बंगला, बड़ी कार और सुरक्षा का भारी तामझाम लिया होता और तब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बुलाकर उससे कहा होता कि वह हर महीने प्रत्येक पुलिस थाने से मेरे लिए 10 लाख रुपए ले, तो तब सबकुछ ठीक होता। हर किसी ने कहा होता कि मैं कितना अच्छा मुख्यमंत्री हूं।

शहर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप नहीं बैठ सकती।  महिलाएं असुरक्षित हैं। हमारे लिए यह काफी महत्व का विषय है। सरकार ने शहर में ‘महिला सुरक्षाबल’ का गठन करने के लिए मुख्य सचिव के अधीन एक समिति गठित की है।

केजरीवाल ने कहा कि पिछले साल 1600 महिलाओं से बलात्कार हुआ। क्या उन्हें जीवन का उनका अधिकार मिला? किसी भी महिला, किसी भी माता- पिता से पूछिए, उनकी क्या हाल हुई होगी। आज हर महिला असुरक्षित महसूस करती है।


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