संघ चाहता है अडवानी जाएं राज्यसभा

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Sunday, January 26, 2014-2:45 PM

नई दिल्ली (सुनील पाण्डेय) : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आर.एस.एस.) की चली तो अगला लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवानी एवं पूर्व अध्यक्ष डा. मुरली मनोहर जोशी नहीं लड़ेंगे। उनके लिए राज्यसभा का प्लेटफार्म तैयार कर दिया गया है। बस, दोनों नेताओं के हां का इंतजार हो रहा है। इसको लेकर शनिवार को दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा लेकिन खबर लिखे जाने तक दोनों नेताओं की ओर से हरी झंडी नहीं मिली। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि लाल कृष्ण अडवानी राज्यसभा में जाने तो किसी भी सूरत में तैयार नहीं हैं।

बताते हैं कि इन दोनों दिग्गजों के लिए 3 राज्य रिजर्व रखे गए हैं। इसमें महाराष्ट्र (भाजपा कोटे में 1 सीट), गुजरात प्रदेश (भाजपा कोटे में 3 सीट) एवं छत्तीसगढ़ राज्य में 1 सीट राज्यसभा है। शुक्रवार को बुलाई गई केंद्रीय चुनाव कमेटी (सी.ई.सी.) की बैठक में इसी योजना के तहत इन तीनों राज्यों को रिक्त छोड़ दिया गया है।

सूत्रों के माने तो भाजपा कार्यालय में हुई सी.ई.सी. बैठक के पूर्व पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह के आवास पर 6 वरिष्ठ नेताओं की गुप्त बैठक हुई। इसमें खुद अध्यक्ष राजनाथ सिंह, प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी, राज्यसभा एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज एवं अरूण जेतली), पार्टी महासचिव अनंत कुमार व रामलाल मौजूद रहे। इसी बैठक में फैसला हुआ कि वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवानी को गुजरात से और डॉ. मुरली मनोहर जोशी को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में भेजा जाए लेकिन इस फैसले को कौन मीटिंग में अडवानी एवं जोशी के समक्ष रखे, इसके लिए कोई तैयार नहीं हुआ।

आखिरकार, इसके लिए उक्त नेताओं ने महासचिव अनंत कुमार को जिम्मा सौंपा। उन्हीं के जरिये अडवानी एवं जोशी को मैसेज कनवे किया गया लेकिन  शनिवार की देर शाम पर अडवानी इस मुद्दे पर तैयार नहीं हो पाए हैं। जबकि, डॉ. जोशी ने न हां की है और न ही इंकार किया है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की माने तो  कुछ समय पूर्व संघ की ओर से यह प्रस्ताव आया था कि जो लोग 70 से 75 साल से अधिक उम्र के हो गए हैं, उन्हें बैकग्राउंड में जाना चाहिए। उन्हें मार्गदर्शन की भूमिका में रहना चाहिए, लेकिन इसपर पार्टी के अंदर एक राय नहीं बन पाई थी। लेकिन, अब फिर एक बार पार्टी चलना शुरू कर दिया है।

चूंकि, सभी राजनीतिक दलों में युवाओं को लेकर होड़ मची है, इसलिए संघ भी चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को मैदान में उतारा जाए।  गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल को राजस्थान के रास्ते राज्यसभा में लाने की मंजूरी दे दी है। उनके अलावा पार्टी ने सात राज्यसभा प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। राजस्थान के तीन, बिहार के दो और मध्य प्रदेश के दो नामों को मंजूरी दे दी।

 

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