आप के मुद्दे पर भाजपा में अलग-अलग राग

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Sunday, January 26, 2014-3:37 PM

नई दिल्ली (धनंजय कुमार) : अपनी गलतियों से सबक लेने की कहावत का औरों के लिए भले की महत्व हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी में चरम पर पहुंची गुटबाजी को देख लगता है कि उनके नेताओं के लिए यह कहावत कोई मायने नहीं रखती। लोकसभा चुनाव सिर पर है जिसमे आम आदमी पार्टी बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी होने वाली और भाजपा नेताओं में एक-दूसरे से ऊपर निकलने की होड़ मची है।

आलम यह है कि प्रदेश भाजपा की राजनीति में जितने नेता, उतने गुट बन चुके हैं। हद तो यह है, जब एक ही मुद्दे पर प्रदेश नेतृत्व एक अलग मुहिम चलाता है तो पार्टी विधायक दल बिना कोई तालमेल बनाए इसके उलट मुहिम शुरू कर देता है। पार्टी में यह हालत तब है, जब इन्हीं कारणों से पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता की कुर्सी से चार कदम दूर रह गई।

नेता दे रहे जुदा-जुदा दलीलें और बयान

दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती पिछले कई दिनों विवादों में हैं, जिसे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक पार्टियां भुनाने में जुटी है। कांग्रेस पार्टी तो समर्थन और विरोध की दोनों नीतियां अपना रही है, वहीं भाजपा आपसी मतभेद उलझ गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल सुबह में भारती की गिरफ्तारी की मांग करते हैं तो भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन उनसे इस्तीफा मांगने लग जाते हैं।

शुक्रवार को पार्टी की ओर से पूरी दिल्ली में आयोजित धरने में यूसुफ सराय में गोयल जहां भारती के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वहीं, पटपडग़ंज में आयोजित धरने डॉ. हर्षवर्धन उनपर कार्रवाई के लिए आप को 26 जनवरी तक की मोहलत देने की बातें कर रहे थे। हैरत की बात यह रही कि जब दोनों नेताओं को एक-दूसरे के बयान से अवगत कराया गया तो कुछ बोलने के बजाय दोनों ही नेता चुप्पी साध गए।


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