ललित मोदी मुद्दे पर अगली सुनवाई चार मार्च को

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Monday, January 27, 2014-6:23 PM

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के चुनाव के नतीजों की घोषणा का आज उच्चतम न्यायालय में विरोध करते हुए कहा कि इसमें आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी विजयी होंगे। इस दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि खेल का प्रशासन कारोबारियों की बजाये पूर्व खिलाडिय़ों के हाथ में होना चाहिए।

न्यायमूर्ति अनिल आर दवे और न्यायमूर्ति जे एस खेहड़ की खंडपीठ के समक्ष बीसीसीआई के वकील ने कहा, ‘‘हम नतीजा जानते हैं। वह (मोदी) स्पष्ट विजेता है। उसके पास 33 में से 26 वोट हैं। बोर्ड की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने चुनाव नतीजे का सीलबंद लिफाफा खोलने की प्रक्रिया चार मार्च के लिये स्थगित कर दी।

न्यायालय को आज आरसीए के चुनाव के नतीजे वाला सीलबंद लिफाफा खोलना था लेकिन बोर्ड और आरसीए के अध्यक्ष पद पर मोदी के विरोधी आर पी शर्मा ने इसका जोरदार विरोध किया। इनका कहना था कि आरसीए के 21 पदों के चुनाव के नतीजों की घोषणा का क्रिकेट प्रशासन और खिलाडिय़ों पर दूरगामी असर पड़ेगा।

इस मामले की सुनवाई के दौरान जब दोनों ही पक्षों के वकील जोरदार तरीके से अपना पक्ष रखने का प्रयास कर रहे थे, उसी दौरान न्यायाधीशों ने कहा कि कम से कम एक ऐसा व्यक्ति इसका पदाधिकारी होना चाहिए जिसने रणजी ट्राफी स्तर का खेल खेला हो। न्यायाधीशों ने महसूस किया कि आरसीए के चुनाव का विवाद श्रीनिवासन और मोदी के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है और इसी के साथ उन्होंने सुनवाई चार मार्च के लिये स्थगित कर दी।

बीसीसीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम और शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरेन रावल का तर्क था कि क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगा रखा है और इसलिए वह आरसीए का चुनाव नहीं लड़ सकते। उनका आरोप था कि आठ करोड़ डालर की हेराफेरी करके मोदी लंदन भाग गए हैं। मोदी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने इसका जोरदार विरोध किया। उनका आरोप था कि आईपीएल स्पाट फिक्सिंग में श्रीनिवासन के दामाद पर आपराधिक मामला चल रहा है लेकिन इसके बावजूद वह बीसीसीआई के अध्यक्ष पद पर काबिज हैं।

न्यायालय चुनाव के नतीजों वाला सीलबंद लिफाफा खोलकर आगे कार्यवाही करना चाहता था। न्यायालय की राय थी कि यदि मोदी चुनाव में हार गये तो कुछ बचेगा ही नहीं। लेकिन मोदी विरोधियों का कहना था कि उन्हें चुनाव के नतीजों की जानकारी है और वह निश्चित ही जीतने वाला है। आरसीए के चुनाव पिछले साल 29 दिसंबर को हुये थे। बीसीसीआई के आजीवन प्रतिबंध के बावजूद मोदी ने चुनाव में हिस्सा लिया था।

बीसीसीआई ने राजस्थान खेल कानून 2005 को चुनौती दे रखी है। इसी कानून के तहत मोदी को चुनाव लडऩे की अनुमति मिली थी। बीसीसीआई ने अनुरोध किया था कि मोदी को चुनाव लडऩे की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी और यदि अब वह विजयी होता है तो उनकी आपत्तियों को सुने बगैर उसे विजयी घोषित नहीं किया जाना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को पूर्व न्यायाधीश एनएम कासलीवाल को इस चुनाव का मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। न्यायमूर्ति कासलीवाल ने मोदी को चुनाव लडऩे की अनुमति दी थी। बीसीसीआई ने पिछले साल 25 सितंबर को ललित मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था।


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