चुनावी सुधार पर विधि आयोग करेगा सलह मश्विरा

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Monday, January 27, 2014-7:32 PM

नई दिल्ली : विधि आयोग शनिवार को चुनावी सुधार पर सलाह मश्विरा करेगा। इसमें जनमत सर्वेक्षणों और झूठे हलफनामे देने वाले उम्मीदवारों के भाग्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

आयोग ने मई 2013 में जारी आने परामर्श पत्र में जानना चाहा था कि क्या उस जनप्रतिनिधि को अयोग्य करार दिया जाए जिसे किसी मामले में दोषी ठहराया जाता है या जिसके विरूद्ध अदालत मे आरोप पत्र दाखिल किया जाता है।

आयोग इस बात पर भी विचार करेगा कि क्या जनमत सर्वेक्षणों के प्रकाशन या प्रसारण को चुनावों की घोषणा होने और अंतिम चरण के चुनाव होने तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए। 

 आयोग ने इस विषय पर विचार मांगे हैं कि क्या झूठा हलफनामा दाखिल करने वाले को अयोग्य करार दिया जाए। अगर हां, तो हलफनामे की सच्चाई का पता लगाने के लिए क्या व्यवस्था की जाए। राज्य के वित्त पोषण से चुनाव कराने के मुद्दे पर विधि आयोग ने सवाल किया है कि क्या उम्मीदवार या राजनीतिक दल के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए। और अगर राज्य की ओर से वित्त पोषण होता है तो इसका मानदंड और धन की मात्रा क्या होनी चाहिए। 

वर्तमान कानून के तहत चुनाव आयोग मतदान से 48 घंटे पहले इस पर प्रतिबंध लगा सकता है।भाजपा को छोड़कर चुनाव आयोग, अटार्नी जनरल और प्रमुख राजनीतिक दलों ने जनमत सर्वेक्षणों पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया है। 

 

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