यदि ‘आप’ का काम अराजकता है, तब राष्ट्रपति 1984 और 2002 के दंगों को क्या मानेंगे? : सोमनाथ भारती

  • यदि ‘आप’ का काम अराजकता है, तब राष्ट्रपति 1984 और 2002 के दंगों को क्या मानेंगे?  : सोमनाथ भारती
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Monday, January 27, 2014-8:51 PM
नई दिल्ली : दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने  पूछा है कि  यदि ‘आप’ का काम अराजकता है,तब राष्ट्रपति 1984 और 2002 के दंगों को क्या मानेंगे? 
 
भारती ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के नाम संबोधन में कथित  अराजकता संबंधी बयान पर अपने एक ट्वीट के माध्यम से ये बाते कही है। 
 
यह माना जा रहा है कि भारती का यह ट्वीट फिल्म निर्माता शेखर कपूर के रविवार को किए एक ट्वीट से प्रेरित है। कपूर ने रविवार को एक ट्वीट में कहा था कि, आदरणीय राष्ट्रपति जी, सक्रियतावाद और अराजकता एक समान नहीं हैं। 1984 में अराजकता जब लोगों का हुजूम आगजनी और सिखों की हत्या पर उतारू था। यह सब सरकार और पुलिस के उकसावे से। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी इसी ट्वीट का सहारा लिया था जब उनसे राष्ट्रपति के संबोधन के बारे में टिप्पणी करने के लिए कहा गया था।
 
 राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने संदेश में कहा था, कि लोकवादी अराजकता शासन के लिए कतई उपयुक्त नहीं हो सकती। झूठे वादे से असंतोष पैदा होता है, जिससे रोष पैदा होता है और रोष के निशाने पर एक ही होते हैं, वे जो सत्ता में बैठे हैं।

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