तेजी से उठने लगी अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग

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Monday, January 27, 2014-11:37 PM

नई दिल्ली (धनंजय कुमार):  दिल्ली के विभिन्न विभागों में दो लाख से अधिक अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग तेजी से उठने लगी है सचिवालय पर ठेके के शिक्षक धरना दे रहे हैं तो वहीं मिलेनियम डीपो पर डीटीसी के अस्थाई कर्मचारी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता में आए एक महीना बीत चुका है, लेकिन इस दिशा में कोई कारगर प्रयास आजतक नहीं किया जा सका है। दूसरी ओर स्थाई होने की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे रहा है और वे आंदोलन का रूख अपनाने को मजबूर हो रहे हैं।

अस्थाई शिक्षक तो काफी समय से दिल्ली सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं तो सोमवार को डीटीसी के अस्थाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। बताया जाता है कि अगले कुछ दिनों और भी विभागों के अस्थाई कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं। दिल्ली में मुफ्त पानी देकर 40 करोड़ तथा बिजली सस्ती कर 60 करोड़ रुपए प्रतिमाह का अतिरिक्त बोझ पहले से उठा चुकी दिल्ली सरकार के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इन्हें एक साथ स्थाई करना आसान नहीं है।

अर्थशास्त्र के जानकारों का कहना है कि यदि दिल्ली सरकार यदि अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करती है तो दिल्ली के कुल बजट का 22-24 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ वेतन व इन्हें मिलने वाली आवास, चिकित्सा, यूनिफॉर्म तथा यात्रा भत्ता समेत अनेक सुविधाओं पर खर्च हो जाएगा। जबकि दिल्ली सरकार का कुल वार्षिक बजट 30 हजार करोड़ रुपए का है। मुख्यमंत्री का कहना है कि स्थाई करने के सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार हो रही है। उसके आते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

श्रम विभाग की जोन के अनुसार आंकड़े:

  • जोन                                  कर्मचारी संख्या
  • उत्तर-पश्चिमी                      40627
  • उत्तर                                  10061
  • नई दिल्ली                         6933
  • दक्षिण-पश्चिम                    12358
  • सेंट्रल                                 5884
  • उत्तर-पूर्वी                           8396
  • पूर्वी                                   4895

इसमें डीटीसी, बीएसईएस तथा टीडीपीएल के अस्थाई कर्मचारियों का आंकड़ा अलग से है।

कर्मियों का लेखा- जोखा:
 

  • ड्राइवर की संख्या               7211
  • कंडक्टर की संख्या            4341
  • कंम्यूटर ऑपरेटर             10,321
  • ड्राइवर                              1224
  • सफाई कर्मचारी                 9,853
  • डेंगू-मलेरिया विभाग          4,351
  • यूडीसी तथा एलडीसी क्लर्क    2,382
  • स्कूलों में चौकीदार              1887
  • दिल्ली सरकार                    14000
  • निगम                                 5000

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