सभी मैडीकल टैस्ट की करानी होगी रिकॉर्डिंग

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Tuesday, January 28, 2014-2:43 PM

नई दिल्ली (अजीत के. सिंह): दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डी.सी.जी.आई.) ने सभी तरह के चिकित्सीय परीक्षणों के ऑडियो और वीडियो रिकॉडिंग अनिवार्य कर दिए हैं। इस संदर्भ में डी.सी.जी.आई. द्वारा जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि नया नियम विदेशी संस्थानों द्वारा भारत में किए जाने वाले चिकत्सा से जुड़े परीक्षणों पर भी लागू होगा।

अधूरी जानकारी देकर सहमति के कई मामलों के सामने आने और इस संदर्भ में कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद डी.सी.जी.आई. ने यह कदम उठाया है। नए नियम के अनुसार परीक्षण के लिए सहमति लेने से पहले मरीज को परीक्षण से जुड़ी सभी दुष्परिणामों की आशंकाओं के बारे में बताना होगा।

अगर मरीज इस स्थिति में नहीं है कि वह खुद मंजूरी दे सके तो मरीज के प्रतिनिधि से इस तरह के मंजूरी ली जा सकती है। दवा नियामक ने सभी सहमति लिखित में लेने के निर्देश जारी किए हैं। कई मामलों में मरीजों को गलत जानकारी देकर परीक्षण के लिए सहमति लेने की बात सामने आई थी। इसे देखते हुए एक सामाजिक संस्था ‘स्वाथ्य अधिकार मंच’ ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि कई चिकत्सीय परीक्षण बिना उपयुक्त सहमति के हो रहे हैं।

कई बार मरीजों को इन परीक्षणों से होने वाले नुकसानों की आशंकाओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जाती है। कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित ऑथरिटी को इस दिशा में कड़े नियम बनाने के आदेश दिए थे। नए नियम उन सहमतियों पर भी लागू होंगे जिन्हें एक साल पहले ही ले लिए गए थे। कई मामलों में चिकत्सीय परीक्षणों के लिए काफी पहले ही मरीजों की सहमति ले ली जाती है।


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