भाजपा में गोयल को लेकर असमंजस बरकरार

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Tuesday, January 28, 2014-2:58 PM

नई दिल्ली: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल को राज्यसभा भेजने की घोषणा कर भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान हुई उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश तो जरूर की है। लेकिन पार्टी के सामने सबसे बड़ी दुविधा अब यह आ गई है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर किसी और को विराजमान किया जाए, या फिर दिल्ली में गोयल के नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव लड़ा जाए।

इस मसले पर पार्टी के कुछ नेता गोयल के पक्ष में दिख रहे हैं तो कुछ नेताओं का कहना है कि गोयल की वजह से विधानसभा चुनाव चरम पर पहुंची गुटबाजी जैसे हालात लोकसभा चुनाव में भी बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है इसलिए उन्हें राज्यसभा भेजने के बाद प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसी और को बैठाया जाए, ताकि असंतुष्ट नेताओं व कार्यकत्र्ताओं की नाराजगी दूर की जा सके।

इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं में मंथन जारी है और कोशिश है कि लोकसभा चुनाव दिल्ली में नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में लड़ा जाए। खास बात यह भी है कि पार्टी नेतृत्व ऐसे नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाह रहा है, जिसके नाम पर विवाद न होने के साथ उसके प्रदेश अध्यक्ष बनने का संदेश आम लोगों के बीच भी सकारात्मक तरीके से जाए। इस पद पर किसी युवा को मौका दिया जा सकता है।

पार्टी में गुटबाजी जोरों पर चल रही
पार्टी का एक गुट, विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता न मिलने का ठीकरा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल के सिर पर फोडऩे की तैयारी में जुटा हुआ है। गोयल विरोधी गुट पार्टी के आला नेताओं तक लगातार यह संदेश पहुंचा रहा है कि विधानसभा चुनाव में यदि भाजपा सत्ता से महज 4 कदम दूर रही है, तो इसके लिए गोयल व उनके समर्थक जिम्मेदार हैं, इसलिए लोकसभा चुनाव के साथ होने जा रहे संभावित दिल्ली विधानसभा चुनाव नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में लड़ा जाए लेकिन पार्टी के सामने सबसे बड़ी समस्या नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए उपयुक्त चेहरे की है।


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