जन लोकपाल (लोकायुक्त) बिल पास होने के रास्तें आसान नहीं

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Tuesday, January 28, 2014-9:48 PM

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा जन लोकपाल (लोकायुक्त) बिल पास होने के रास्तें आसान नहीं है। विधि विभाग का कहना है कि इस बिल को पारित करवाने के लिए उसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाना जरूरी है, जबकि मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट का कहना है कि सरकार इस बिल को पास करवाने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि इस बिल को 15 दिन के भीतर पारित कर दिया जाएगा। उनका दावा है कि इस ऐतिहासिक बिल के पास होने से भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा, क्योंकि इसके दायरे में मुख्यमंत्री, मंत्री और आला अधिकारी भी आ जाएंगे। लेकिन इसको लेकर सरकार के विधि विभाग और सरकार के आला ऑफिसरों के साथ उनकी तनातनी बढ़ गई है। ऑफिसर परेशान हैं कि इस बिल को पारित करने के लिए कोई सिस्टम तो अपनाना होगा, लेकिन सरकार उसकी अनदेखी कर अपने तर्कों और नियमों से इस बिल को पारित करवाना चाह रही है।

अपनी बात मनवाने के लिए सरकार ने 15 सालों में पारित किए उन बिलों और कानूनों की जानकारी संबंधित ऑफिसरों से मांगनी शुरू कर दी है, जो केंद्र सरकार को भेजे बिना पास कर दिए गए। सरकार के इस आदेश से आला ऑफिसरों में बेचैनी है।

 सरकार का यह तर्क है कि जब पिछली सरकार के कई बिल बिना केंद्र सरकार को भेजे पास हो सकते हैं तो उसके बिल को केंद्र सरकार के पास क्यों भेजा जाए? सरकार का यह आदेश संबंधित विभागों के आला ऑफिसरों के गले की फांस बन रहा है। उनका कहना है कि कई ऐसे बिल 15 सालों में पारित किए गए हैं, जो केंद्र सरकार की पावर के अधीन हैं। इनमें वाटर सप्लाई का कुछ इलाकों में निजीकरण, कलस्टर बसों का परिचालन आदि शामिल हैं। अब इनकी तुलना जन लोकपाल बिल से नहीं हो सकती। 


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