मोदी की मेरठ रैली को लेकर जनपद में हाई अलर्ट

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Wednesday, January 29, 2014-7:03 PM

मुजफ्फरनगर (राकेश): बीते 7 सितम्बर को नंगला मंदौड़ इण्टर कॉलेज में हुई पंचायत बाद वापस लौटती भीड़ पर हुए कातिलाना हमलों के बाद जनपद में साम्प्रदायिक हिंसा भड़की। इससे सीख लेते हुए मेरठ में प्रस्तावित 2 फरवरी को नरेंद्र मोदी की रैली के लिए जनपद में हाई अलर्ट का ऐलान कर दिया है। दोनों समुदाय के संवेदनशील गांवों सहित उनके विभिन्न रास्तों पर पुलिस बल तैनात करने का प्रबंध किया गया है।

एसपी सिटी श्रवण कुमार ने जनपद के सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश जारी किए। मोदी की रैली के लिए जनपद से भारी संख्या में लोग रवाना होंगे। फि र से उनकी वापसी में बीते 7 सितम्बर जैसा वातावरण नहीं बने इसको लेकर एहतिहात बरतने की हिदायत दी गई। गांव दर  गांव में जाकर साम्प्रदायिक सौहाद्र्र बनाये रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की कमेटियां बनाई गई।

 पंचायत से वापस लौटते ग्रामीणों पर जौली नहर के पुल और पुरबालियान के अलावा अन्य रास्तों पर घेरकर कातिलाना हमले किए गे थे। इसके उपरांत घायल अवस्था में अपने गांव पहुंचे लोगों ने दूसरे समुदाय के घरों पर हमला बोल दिया था और जनपद दंगों की आग में झुलस गई थी। इसी घटना से सबक हासिल करते हुए पुलिस प्रशासन ने 2 फ रवरी को नरेन्द्र मोदी की मेरठ रैली को लेकर अभी से तैयारियां करनी प्रारम्भ कर दी हैं।

 इसके लिए जनपद के सभी 21 थानों में तैनात प्रभारियों को पुलिस कार्यालय से सरकूलर जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट तौर पर निर्देश दिये गये हैं कि ग्रामीण अचलों से भी सात सितम्बर की भांति ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों और बसों में सवार होकर नारेबाजी करते हुए मेरठ के लिए रवाना होंगे। यह वाहन दूसरे समुदाय के प्रभाव वाले ग्रामों और रास्तों से होकर गुजरेंगे। इनमें से कई ग्राम व रास्ते बेहद संवेदनशील हैं।

संवेदशीलता को देखते हुए रास्तों में उचित सुरक्षा प्रबंध किये जायें और यह सुनिश्चित किया जाए कि मोदी की रैली में रवाना होने वाले लोग या ग्रामीण भी शांतिपूर्ण तरीके से जनपद से गुजरे और वापस लौटे, इस दौरान उत्तेजना पैदा करने के नारेबाजी या छींटाकशी ना की जाए। इस सम्बंध में एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है जनपद में प्रत्येक गांव में ग्राम प्रधान के साथ दस-दस जिम्मेदार लोगों की कमेटियों का गठन करने के निर्देश दिये गये हैं। इन कमेटियों की जिम्मेदारी होगी कि उनके ग्राम के रास्ते से गुजरने वाले वाहनों और लोगों के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित ना होने पाए। ऐसा ही रैली से लौटने के दौरान इन कमेटियों को रास्तों पर रहना होगा ताकि वाहनों पर पत्थरबाजी या हमले जैसी घटना ना हो सके।

उन्होंने बताया कि थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि रूटीन चैकिंग के लिए बनाये गये प्वाइंटों को यदि रैली की व्यवस्था के लिए खत्म करना पड़े तो इनको कुछ दिनों के लिए खत्म कर दिया जाए, लेकिन अलर्ट रहते हुए रैली के तहत सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी थाना प्रभारी के क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसके खिलाफ गम्भीरतम कार्रवाई की जाएगी।


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