FB और व्हाट्स अप के जरिए चल रहे कालगर्ल रैकेट का पर्दाफाश

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Thursday, January 30, 2014-5:58 PM

कानपुर: फेसबुक और व्हाट्स अप के जरिए अन्तरराज्यीय कालर्गल गिरोह का कानपुर पुलिस ने आज भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट में आठ लड़कियां पकड़ी गई जिसमें से तीन नाबालिग है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन दलालों और कालगर्ल के अड्डे से छह ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से लैपटाप, मोबाइल, मोटरसाइकिल और नकद धनराशि भी बरामद की गई है।

एसएसपी यशस्वी यादव ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस को ऐसी खबरें मिल रही थी कि शहर में एक कालगर्ल गिरोह चल रहा है जो अपने ग्राहकों को मोबाइल पर व्हाटस अप के जरिए लड़कियों को फोटो भेजता था।

इसके अलावा यह रैकेट फेसबुक के जरिये भी लड़कियों के फोटो उपलब्ध कराता था। लड़कियां खरीदकर लाई जाती थी, जो 25 हजार रुपये साप्ताहिक से लेकर सवा लाख रुपये महीने लेती थी। इस गिरोह में एक नाबालिग लड़की दार्जिलिंग और एक गोरखपुर की मिली है, जबकि एक नाबालिग लड़की कानपुर की है। इसके अतिरिक्त पांच अन्य लड़कियां है।

उन्होंने बताया कि गिरोह की मुखिया सारा सुबानो नामक महिला थी जबकि उसके साथ तीन दलाल जीतेन्द्र, राकेश सिंह और नागेंद्र नाथ थे। यह सभी कानपुर के श्यामनगर इलाके से अपना कालर्गल रैकेट चलाते थे। इस गिरोह की संचालिका सारा ने पुलिस को बताया कि कुछ पैसे वाले लोग पहली बार के लिये दो लाख रुपये तक देते थे और उसके लिये उनको लड़की के फोटो मोबाइल पर व्हाट्सअप के जरिए और फेसबुक के मैसेज बाक्स के जरिये उपलब्ध कराते थे। बाद में पैसा मिल जाने पर इनके ठिकाने पर लड़कियां भेज दिया करते थे।


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