दूध में मिलावट करने वालों को उम्र कैद तक की सजा हो: उच्चतम न्यायालय

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Thursday, January 30, 2014-11:20 PM
 नई दिल्ली : देश में दूध में हो रही मिलावट पर चिंता व्यक्त करते हुये आज उच्चतम न्यायालय ने ऐसा अपराध करने वालों को उम्र कैद की सजा जैसा कठोर दंड देने के बारे में सभी राज्य सरकारों से जवाब तलब किया।
 
 न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि यह बहुत ही ‘गंभीर’ मामला है और सरकारों को दूध की मिलावट की समस्या पर अंकुश पाने के लिये तत्काल कदम उठाने चाहिए। न्यायाधीशों ने कहा कि मिलावटी दूध से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है और इसे ऐसा दंडनीय अपराध बनाने पर जोर दिया जिसके लिये उम्र कैद तक की सजा हो। 
 
  न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सभी राज्य सरकारों से दूध की मिलावट की समस्या और इस अपराध के लिये उम्र कैद की सजा का प्रावधान करने के लिये कानून में संशोधन के बारे में जवाब मांगा है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडीशा में ऐसा प्रावधान किया जा चुका है।
 
 न्यायालय ने कठोर प्रावधानों के तहत दूध की मिलावट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं करने पर उत्तर प्रदेश सरकार को भी आड़े हाथ लिया और राज्य सरकार से इस तरह के लंबित मामलों का विवरण मांगा है। न्यायालय ने राज्य सरकारों को जवाब दाखिल करने के लिये तीन सप्ताह का वक्त दिया है।
 
 याचिकाकर्ताओं के वकील अनुरोग तोमर का तर्क था कि विभिन्न राज्यों, विशेषकर उत्तर भारत के राज्यों, में सिंथेटिक सामग्री की मिलावट वाला दूध बेचा जा रहा है जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ और जीवन को गंभीर खतरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा 2011 में एकत्र किये गये दूध के नमूनों से पता चला है कि देश में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध की बिक्री हो रही है।
 

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