जेटली ने लोकपाल की नियुक्ति के सरकार के कदम का विरोध किया

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Friday, January 31, 2014-12:38 PM

नई दिल्ली: लोकपाल की नियुक्ति पर रार आज उस समय बढ़ गई जब भाजपा नेता अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक और पत्र लिखकर इस प्रक्रिया का विरोध किया और केन्द्र पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करने का विज्ञापन जारी करने के सरकार के कदम का उददेश्य ‘‘चयन समिति की शक्ति को पूरी तरह से ध्वस्त करना है।’’

 

उन्होंने सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताई कि उसने (सरकार ने) लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम की धारा 4 (5) और इसमें निहित नियम संख्या 10 के तहत विज्ञापन जारी किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘मैं आपसे इस संबंध में सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करता हूं।’’

 

अपनी बात के समर्थन में जेटली ने इस अधिनियम की धारा 4 (4) का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि समिति लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के पारदर्शी तरीके के लिए अपनी प्रक्रिया तय करेगी। जेटली ने अपने पिछले पत्र में कहा था कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी विज्ञापन ‘‘अवैध’’ है। प्रधानमंत्री ने इस पत्र के जवाब में कहा था कि यह हाल में अधिसूचित नियमों के अंतर्गत है।


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