हुर्रियत के हड़ताल के कारण कश्मीर में जनजीवन प्रभावित

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Friday, January 31, 2014-1:26 PM

श्रीनगर: कश्मीर के पथरीबल फर्जी मुठभेड़ मामले को बंद करने के सेना के फैसले के विरोध में हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े द्वारा आहूत बंद के कारण घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मीरवाइज उमर फारूक की अगुवाई वाले हुर्रियत कांफ्रेंस द्वारा आहूत हड़ताल के कारण लाल चौक के वाणिज्यिक इलाके में दुकानें, कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आसपास के इलाके पूरी तरह बंद रहे।

कश्मीर बार ऐसोसिएशन द्वारा हुर्रियत के हड़ताल के आह्वान का समर्थन किए जाने के कारण अदालतों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। हालांकि सिविल लाइंस और शहर के अन्य इलाकों में जनजीवन सामान्य रूप से चलता रहा। हड़ताल का घाटी के अन्य जिलों में मामूली असर देखा गया। वाहनों की आवाजाही घाटी में कम रही लेकिन सभी मार्गो पर वाहन चलते देखे गए।

हुर्रियत ने पथरीबल फर्जी मुठभेड़ मामले को बंद करने के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है। यह मामला पांच निर्दोष लोगों की हत्या से संबंधित है जिन्हें मार्च 2000 में विदेशी आतंकवादी बताया गया था। इस मामले में आरोपी पांच सेना कर्मियों पर मुकदमा चलाने के संबंध में काफी लंबी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया जिसका मकसद यह तय करना था कि एएफएसपीए के तहत प्राप्त छूट के कारण क्या उन पर मुकदमा चलाया जाए या नहीं। बाद में सेना ने सामान्य कोर्ट मार्शल का विकल्प चुना। सेना ने हाल ही में सबूतों के अभाव में मामले को बंद कर दिया था और इस फैसले की घाटी में मुख्यधारा से जुड़े लोगों और अलगाववादी खेमे दोनों ने ही व्यापक निंदा की थी।


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