आतंकवादी के रिश्तेदार को पासपोर्ट देने से इन्कार नहीं: कोर्ट

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Friday, January 31, 2014-4:45 PM

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने आज कहा कि यदि कोई  व्यक्ति गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त है तो उसके रिश्तेदार को पासपोर्ट देने से इन्कार नहीं किया जा सकता। श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने उत्तरी कश्मीर में सोपोर कालोनी निवासी उमर अली और उसकी पत्नी सुमिरा नजीर को इस आधार पर पासपोर्ट देने से इन्कार कर दिया था कि उसका एक रिश्तेदार आतंकवादी है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रहता है।

न्यायमूर्ति अली मुहम्मद मागरे ने उमर और सुमिरा की इस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो इसके लिए दूसरे को दंडित नहीं किया जा सकता। उन्होंने पासपोर्ट अधिकारी के आदेश को खारिज कर दिया। उमर और सुमिरा ने तीन मार्च 2012 को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था।


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