दुष्कर्म समाज का सबसे घृणित अपराध : कोर्ट

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Friday, January 31, 2014-8:18 PM
नई दिल्ली : द्वारका फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान  न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि दुष्कर्म समाज का सबसे घृणित अपराध है। दुष्कर्म ऐसा अपराध है, जिसमें पीड़िता को तो शारीरिक व मानसिक यातना झेलनी ही पड़ती है, साथ ही इस अपराध का प्रभाव समाज पर भी पड़ता है।
 
 दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध के प्रति समाज आक्रोश व घृणा से भरा भाव रखता है, साथ ही इसके दोषियों के लिए कठोर सजा की उम्मीद भी रखता है। ऐसे में सजा सुनाते हुए इस अपराध के समाज पर पडऩे वाले प्रभाव व समाज की उम्मीदों की अनदेखी संभव नहीं है। द्वारका फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने यह टिप्पणी नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास का दंड सुनाते समय की।
 
अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। पेश मामला वर्ष -2011 का है। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने बताया कि पीड़िता मां की चाय की दुकान पर रहती थी। दुकान पर एक व्यक्ति का आना-जाना था। इस दौरान उसने पीड़िता के साथ मित्रता कर ली तथा शादी का झांसा देते हुए उसे अपने साथ बिहार स्थित अपने गांव ले गया। यहां अलग-अलग जगहों पर उसने उसे रखा। इस दौरान पीड़िता से कई बार शारीरिक संबंध भी बनाए गए। उसकी कई बार पिटाई भी की गई।
 

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