‘मोदी भाजपा के नहीं, आरएसएस के उम्मीदवार’

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Saturday, February 01, 2014-12:07 PM

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बीच छिड़े वाकयुद्ध के बीच सपा के प्रदेश महासचिव और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डा. सी.पी. राय ने मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव में सपा की लड़ाई भाजपा से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से है, क्योंकि मोदी आरएसएस के ही उम्मीदवार हैं।

मुलायम सिंह के पुराने साथी और समाजवादी नेता डा. राय ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत के दौरान सपा प्रमुख से अपील करते हुए कहा, ‘‘मैं नेताजी से अपील करना चाहता हूं कि वह अपनी रैलियों के दौरान मोदी का नाम न लें।’’ राय ने कहा, ‘‘उप्र में सपा की लड़ाई भाजपा से है ही नहीं। 10 लोकसभा सीट हासिल करने वालों से कैसी लड़ाई! रही बात मोदी की, तो वह भाजपा के बजाय आरएसएस के उम्मीदवार हैं। सपा की असली लड़ाई संघी विचारधारा और फासीवाद सोच को लेकर आगे बढऩे वालों से है।

मोदी पर हमलावर राय ने कहा, ‘‘गुजरात में दंगे के दौरान हत्याएं होती रहीं और वहां का मुख्यमंत्री कैमरे के सामने आकर मुस्कराता रहा। ऐसे लोग देश को चलाने का ख्वाब देख रहे हैं। जिसे देश के इतिहास, भूगोल की जानकारी नहीं, वह देश चलाने के बारे में कैसे सोच सकता है।’’

राय ने कहा कि आजादी की लड़ाई में संघ के एक भी कार्यकर्ता ने कभी हिस्सा नहीं लिया है और न ही संघ के लोग कभी जेल गए। आजादी की लड़ाई के समय संघ से जुड़े लोगों ने मुखबिरी कर स्वतंत्रता सेनानियों को पकड़वाने का काम किया था और उनमें से कई लोग आज संघ में उच्च पदों पर बैठे हुए हैं। क्या अब यही लोग देश चलाएंगे?

संघ पर तीखा प्रहार करते हुए राय ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने देश की आजादी के समय गद्दारी की, उन्होंने ही आजकल देश के विकास का ठेका ले रखा है।’’ मोदी की यह टिप्पणी कि ‘उप्र के विकास को लेकर सपा नेताओं के पास कोई विजन नहीं है’ पर प्रतिक्रिया देते हुए राय ने कहा कि मोदी विकास के नाम पर केवल भ्रम फैला रहे हैं। गुजरात से अधिक पर्यटक तो उत्तर प्रदेश में आते हैं। मोदी को इस बात का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उप्र आने वाले पर्यटक उनके यहां भी पहुंच जाते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पर्यटन को लेकर फैसले लेने शुरू किए हैं और इसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। काशी और मथुरा के लिए उन्होंने काफी योजनाएं शुरू की हैं। ताजमहल के आसपास के इलाके को विकसित करने के लिए 176 करोड़ रुपये दिए हैं। राय ने आरोप लगाया कि उप्र को विकास की दौड़ में पीछे ले जाने में सबसे अहम भूमिका जनसंघियों ने ही निभाई है। तीन बार इनकी सरकार बनी और उस दौरान इन्होंने राज्य के विकास के लिए क्या काम किया? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ध्यान उप्र में बिजली उत्पादन पर है और अगले दो वर्षों में इसका उत्पादन 1800 मेगावाट तक बढऩे की उम्मीद है।

राय ने दावे के साथ कहा कि अगले तीन सालों के भीतर नेताजी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में उप्र का उतना विकास होगा, जितना गुजरात का 10 वर्षों में नहीं हुआ होगा। जब यह पूछा गया कि क्या नेताजी (मुलायम) का प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा होगा? राय ने कहा कि यह सपना नेताजी का नहीं है, बल्कि सपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं का है। देश में वर्तमान में जो हालात हैं, उसमें नेताजी को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए क्योंकि विदेशी ताकतों से लडऩे में वही सक्षम हैं। वह देश के रक्षा मंत्री रह चुके हैं।

सपा के भीतर लोकसभा के टिकटों के बंटवारे को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जिनको टिकट मिल गया है, उनका टिकट नहीं काटा जाएगा। यदि विशेष परिस्थितियां पैदा नहीं हुईं तो किसी का टिकट कटने का सवाल ही नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल में कुछ ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी वजह से उनकी छवि जनता के बीच अच्छी नहीं बन पा रही है, राय सहमति जताते हुए कहा,‘‘इस बात से मैं सहमत हूं कि उनके साथ काम करने वाले कुछ लोगों की वजह से उनकी छवि अच्छी नहीं बन पा रही है, लेकिन अखिलेश अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’


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