गाजियाबाद नए बस अड्डे तक मैट्रो का रास्ता साफ

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Saturday, February 01, 2014-4:46 PM

नई दिल्ली/गाजियाबाद (भूपेंद्र तालान): 3 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दिल्ली से सटे गाजियाबाद सिटी में सैकेंड फेज के तहत मैट्रो ट्रेन के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली मैट्रो रेल कारपोरेशन (डी.एम.आर.सी.) के कनॉट पैलेस ऑफिस में शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग गई।

बोर्ड बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिलशाद गार्डन से गाजियाबाद के नए बस अड्डे तक मैट्रो टे्रन का संचालन करने की सहमति दी। शाम चार बजे डी.एम.आर.सी. के सी.एम.डी., केन्द्र सरकार के चीफ सेक्रेटरी, दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी, एन.सी.आर. प्लानिंग बोर्ड के कमिश्नर और यू.पी. के चीफ सेक्रेटरी समेत अन्य अफसरों ने बोर्ड बैठक के फैसले को अनुमोदित
कर दिया।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जी.डी.ए.) पिछले 3 साल से दिलशाद गार्डन से गाजियाबाद के नए बस अड्डे तक मैट्रो ट्रेन चलाने की कवायद में जुटा था। पहले दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस प्रस्ताव में कुछ आपत्तियां लगा कर प्रोजैक्ट पर विराम लगा
दिया था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस मैट्रो रूट को पूरा करने के लिए डी.एम.आर.सी. ने इसकी लागत 100 करोड़ रुपए तक बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश सरकार एवं जी.डी.ए. बढ़ी लागत का भुगतान करेगी।


जी.डी.ए. चेयरमैन संतोष यादव ने बताया कि दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक सैकेंड फेज के तहत मैट्रो ट्रेन का पूर्व में 1770 करोड़ रुपए बजट निर्धारित किया गया था। जिसमें 1100 करोड़ प्रदेश सरकार को खर्च करना है। दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक 9.30 किमी. लंबे रूट पर 5 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मैट्रो ट्रेन का पहले डी.एम.आर.सी. व जी.डी.ए. के बीच मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एम.ओ.यू.) साइन होगा। टैंडर के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।


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